पुणे 13 मार्च 2026 : पश्चिम हिस्से में रिंग रोड का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन पूर्वी हिस्से के चाकण और तलेगांव क्षेत्र में काम लगभग तीन महीने पीछे चल रहा है। इस देरी को लेकर दोनों पैकेज का ठेका लेने वाली एक बड़ी कंपनी को महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) ने नोटिस जारी किया है। नोटिस में पूछा गया है कि काम में देरी के कारण उस पर रोजाना सवा करोड़ रुपये का जुर्माना क्यों न लगाया जाए। साथ ही कंपनी से इस मामले में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है, जिससे कंपनी में हलचल मच गई है।
पूर्वी हिस्से में चार चरणों में काम
MSRDC की ओर से पुणे रिंग रोड का काम पूर्व और पश्चिम—दो हिस्सों में तेजी से चल रहा है। पश्चिमी हिस्से में पांच चरणों में और पूर्वी हिस्से में चार चरणों में काम किया जा रहा है। पश्चिमी भाग में रहाटणी के पास कल्याण इलाके में डबल टनल का काम तेजी से चल रहा है। दोनों तरफ से लगभग ढाई किलोमीटर तक खुदाई का काम पूरा हो चुका है।
मुंबई से सातारा की ओर जाते समय सुरंग में प्रवेश करने वाले हिस्से में 1411 मीटर और कल्याण की ओर निकलने वाले हिस्से में 1428 मीटर तक काम पूरा हो गया है। यह टनल चौथे चरण के अंतर्गत बनाई जा रही है। टनल की खुदाई का बड़ा हिस्सा पूरा होने के बाद अंदर की छत पर शॉटक्रीट का काम भी पूरा कर लिया गया है, जबकि बाकी हिस्से की खुदाई जारी है।
पश्चिम में 25 प्रतिशत और पूर्व में 12 से 15 प्रतिशत काम पूरा
पश्चिमी हिस्से में रिंग रोड का लगभग 25 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि पूर्वी हिस्से में सिर्फ 12 से 15 प्रतिशत ही काम हुआ है। पश्चिम की तुलना में पूर्वी हिस्से का काम काफी धीमी गति से चल रहा है।
देरी पर ठेकेदार को चेतावनी
पश्चिम के दूसरे, तीसरे और चौथे चरण का काम तेजी से चल रहा है, जबकि पूर्व के दूसरे और चौथे चरण में भी प्रगति हो रही है। जिस कंपनी को नोटिस जारी किया गया है, उसके पास पूर्व के पहले और तीसरे चरण और पश्चिम के पहले चरण का ठेका है।
पूर्वी हिस्से में चाकण और तलेगांव में पहले और तीसरे चरण का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है। मौजूदा प्रगति को देखते हुए परियोजना में करीब तीन महीने की देरी हो चुकी है। इसी कारण MSRDC ने कंपनी को काम तेज करने का निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया है और पूछा है कि देरी के कारण उस पर रोजाना सवा करोड़ रुपये का जुर्माना क्यों न लगाया जाए। कंपनी से इस संबंध में विस्तृत जवाब मांगा गया है।
