02 मार्च 2026 : समाचार पत्र वितरण क्षेत्र के वरिष्ठ और सम्मानित व्यक्तित्व सुधाकर श्रोत्री का रविवार को विलेपार्ले स्थित उनके निवास पर 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से वितरण जगत के साथ-साथ सामाजिक और साहित्यिक क्षेत्र में भी शोक की लहर है।
उनके परिवार में ‘लाइटहाउस लर्निंग’ के उपाध्यक्ष तुषार श्रोत्री, अभिनेता पुष्कर श्रोत्री, केतन श्रोत्री, उनकी पत्नियां और नाती-पोते शामिल हैं।
कौन थे सुधाकर श्रोत्री?
सुधाकर श्रोत्री ने करीब 65 वर्षों तक टाइम्स समूह में कार्य करते हुए समाचार पत्र वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया। राज्य के लगभग हर जिले और तालुका के अखबार विक्रेताओं व एजेंटों की जानकारी उन्हें याद रहती थी, जो उनके समर्पण को दर्शाता है।
वितरण से जुड़ी समस्याएं हों या व्यावसायिक चुनौतियां, वे अपने शांत स्वभाव और सकारात्मक दृष्टिकोण से उन्हें आसानी से सुलझा लेते थे। उन्हें साहित्य से भी गहरा लगाव था और उन्होंने कई कविताएं लिखीं। उनके ‘वडिलोपार्जित’, ‘लेडीज स्पेशल’ और क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर पर आधारित ‘खास सचिन’ जैसे काव्य संग्रह प्रकाशित हुए हैं।
अंतिम समय तक सक्रिय
वे अंतिम समय तक ‘पार्लेकर कायस्थ’ त्रैमासिक के संपादक के रूप में कार्यरत रहे। उनका अंतिम संस्कार सोमवार, 2 मार्च को सुबह 8 बजे विलेपार्ले के पारशीवाड़ा श्मशान घाट में किया जाएगा।
सुधाकर श्रोत्री, अभिनेता पुष्कर श्रोत्री के पिता थे। पुष्कर ने कई बार अपने जीवन और करियर में पिता के योगदान का उल्लेख किया है। उनका परिवार मुंबई के विलेपार्ले क्षेत्र में रहता है, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
