18 अप्रैल 2026 : भारतीय जनता पार्टी की नेता अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उनका झंडा जलाकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर इन पार्टियों के रुख की कड़ी आलोचना की।
अपर्णा यादव ने कहा कि जो भी दल महिला आरक्षण बिल का विरोध करेगा, वह भविष्य में खत्म हो जाएगा। उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर हमेशा स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है, जबकि वर्तमान सरकार महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कदम उठा रही है।
इस दौरान उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से दोनों दलों के झंडे जलाकर विरोध जताया, जिससे यह मामला और सुर्खियों में आ गया।
दूसरी ओर, सपा और कांग्रेस के नेताओं ने इस बयान की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक स्टंट बताया है और कहा है कि उनकी पार्टियां हमेशा महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण का मुद्दा आगामी चुनावों में एक बड़ा विषय बन सकता है, जिस पर सभी दल अपनी-अपनी रणनीति बना रहे हैं।
इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जहां महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा दोनों एक साथ नजर आ रहे हैं।
कुल मिलाकर अपर्णा यादव के इस विरोध और बयान ने महिला आरक्षण के मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में ला दिया है।
