27 फरवरी 2026 : मुंबई में मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने अजित पवार के कथित हादसे को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी दबाव में एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही, तो यह बेहद संदिग्ध है—खासतौर पर जब मामला अजित पवार जैसे बड़े नेता से जुड़ा हो।
राज ठाकरे से मिलने के बाद Rohit Pawar ने भी इस मुद्दे को उठाया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ठाकरे ने सीधे सवाल किया—“यह हादसा धुंध की वजह से हुआ या किसी साजिश का हिस्सा था?”
उन्होंने कहा कि अब तक किसी तरह की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है और न ही कोई प्राथमिक रिपोर्ट जारी हुई है। “सरकार एफआईआर दर्ज करने से क्यों रोक रही है? अगर हादसा सामान्य है, तो डर किस बात का?” उन्होंने पूछा।
राज ठाकरे के अनुसार, रोहित पवार तीन अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में एफआईआर दर्ज कराने गए, लेकिन कहीं भी मामला दर्ज नहीं किया गया। मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में एक अधिकारी एफआईआर लिख रहा था, लेकिन तभी वरिष्ठ अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद प्रक्रिया रोक दी गई।
उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से लोगों के मन में संदेह पैदा हो रहा है। “एक साधारण एफआईआर के लिए इतना दबाव क्यों? सरकार इस मुद्दे पर चुप क्यों है?”
राज ठाकरे ने मांग की कि इस मामले को विधानसभा और लोकसभा में भी उठाया जाए और सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि घटना को एक महीना होने जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस रिपोर्ट सामने नहीं आई है, जो चिंता का विषय है।
