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नेशनल मेडिकल कमीशन ने PGIMS रोहतक पर लगाया ₹1 करोड़ का जुर्माना क्यों वापस लिया? जानिए पूरा मामला

16 जुलाई 2026  पंडित बी.डी. शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PGIMS), रोहतक को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से बड़ी राहत मिली है। आयोग ने संस्थान पर प्रस्तावित ₹1 करोड़ का जुर्माना वापस ले लिया, क्योंकि संस्थान ने पहले लंबित सभी आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध करा दी।

दरअसल, मार्च 2026 में NMC ने PGIMS सहित देश के सात मेडिकल कॉलेजों पर ₹1-1 करोड़ का जुर्माना लगाया था। आरोप था कि इन संस्थानों ने बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद MBBS इंटर्न और पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टरों को दिए जाने वाले स्टाइपेंड का विवरण अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक नहीं किया था।

बाद में PGIMS प्रशासन ने स्टाइपेंड से जुड़ी सभी अनिवार्य जानकारी और Compulsory Rotating Medical Internship (CRMI) से संबंधित विवरण आयोग को उपलब्ध करा दिए। आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद NMC ने माना कि संस्थान ने कमियां दूर कर दी हैं, जिसके चलते जुर्माना वापस लेने का फैसला किया गया।

NMC ने वर्ष 2025 में सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया था कि वे इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टरों को दिए जाने वाले स्टाइपेंड का विवरण सार्वजनिक करें, ताकि भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे निर्देशों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी नियामकीय कार्रवाई की जा सकती है।

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