11 मई 2026 : योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले छह नए नेताओं को शामिल किया गया है।
जानकारी के अनुसार नए मंत्रियों में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी शामिल हैं, जिससे राजनीतिक समीकरणों को साधने की कोशिश मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले कैबिनेट विस्तार के जरिए क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पार्टी नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रही।
भाजपा का कहना है कि नए मंत्रियों के शामिल होने से सरकार की कार्यक्षमता और जनसंपर्क को मजबूती मिलेगी।
विपक्षी दलों ने इस कदम को चुनावी रणनीति बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव से पहले होने वाले कैबिनेट विस्तार अक्सर राजनीतिक संदेश और संगठनात्मक संतुलन से जुड़े होते हैं।
कुल मिलाकर यूपी चुनाव से पहले योगी कैबिनेट में छह नए मंत्रियों की एंट्री ने राज्य की राजनीति को और गर्मा दिया है।
