5 अक्टूबर 2026 महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। महायुति के बाद अब महाविकास आघाड़ी (MVA) में भी सीट बंटवारे और उम्मीदवारों को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। कांग्रेस द्वारा अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद अब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने भी इसी सीट से अपना उम्मीदवार मैदान में उतार दिया है।
कांग्रेस के बाद ठाकरे गुट ने भी घोषित किया उम्मीदवार
महाराष्ट्र टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस ने अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रा. अदिति ऋषिकेश पोहरे को उम्मीदवार बनाया था। इसके कुछ दिनों बाद उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने दत्तात्रय श्रीराम लहाने को इसी सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया।
ठाकरे गुट ने इसके अलावा छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से दिलीप हरिभाऊ घुगे को भी उम्मीदवार बनाया है। दोनों उम्मीदवारों के नाम उद्धव ठाकरे के आदेश के बाद पार्टी के केंद्रीय कार्यालय की ओर से जारी किए गए।
अमरावती सीट पर आमने-सामने होंगे सहयोगी दल
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस और शिवसेना (UBT) के उम्मीदवार आमने-सामने आने से महाविकास आघाड़ी के भीतर ही मुकाबले की स्थिति बन गई है।
कांग्रेस ने इससे पहले नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अभिजित गोविंदराव वंजारी, पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जयंत दिनकर आसगांवकर और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अदिति पोहरे को उम्मीदवार घोषित किया था। इसके बाद ठाकरे गुट में नाराजगी की बात सामने आई।
सीट बंटवारे पर नहीं बन पाई सहमति
रिपोर्टों के मुताबिक, महाविकास आघाड़ी के सहयोगी दलों के बीच विधान परिषद की पांच सीटों को लेकर सीट बंटवारे पर पूरी सहमति नहीं बन सकी। कांग्रेस द्वारा कुछ सीटों पर अपने उम्मीदवार पहले ही घोषित किए जाने के बाद ठाकरे गुट और शरद पवार गुट की ओर से नाराजगी जताई गई।
3 अक्टूबर को मुंबई में MVA नेताओं की बैठक भी हुई थी, लेकिन सीटों के बंटवारे पर अंतिम फैसला नहीं हो सका। इसके बाद बातचीत का दौर जारी रहा।
उद्धव गुट ने लिया अलग रुख
अमरावती सीट पर कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद उद्धव ठाकरे गुट ने अलग उम्मीदवार उतारकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। इससे इस सीट पर MVA के सहयोगी दलों के बीच मैत्रीपूर्ण मुकाबले की संभावना बन गई है।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ठाकरे गुट का कहना है कि कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित करने से पहले सहयोगी दलों को विश्वास में नहीं लिया। इसी वजह से अब ठाकरे गुट ने भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है।
महायुति में भी उम्मीदवारों को लेकर खींचतान
विधान परिषद चुनाव में केवल महाविकास आघाड़ी ही नहीं, बल्कि महायुति के भीतर भी उम्मीदवारों को लेकर मतभेद सामने आए हैं। अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना और भाजपा से जुड़े नेताओं के अलग-अलग दावे सामने आने की खबरें हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, इस सीट पर महायुति के घटक दलों के बीच भी अलग-अलग उम्मीदवारों के मैदान में उतरने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में दोनों प्रमुख राजनीतिक गठबंधनों के भीतर ही चुनावी समीकरण जटिल होते दिखाई दे रहे हैं।
विधान परिषद चुनाव पर टिकी नजरें
महाराष्ट्र में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की विधान परिषद सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला तेज हो गया है।
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस और शिवसेना (UBT) के अलग-अलग उम्मीदवार उतारने से यह सीट खास तौर पर चर्चा में आ गई है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में महाविकास आघाड़ी के नेता इस मतभेद को दूर कर पाते हैं या दोनों दलों के बीच मुकाबला जारी रहता है।
कुल मिलाकर, महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव से पहले महाविकास आघाड़ी में सीट बंटवारे को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। कांग्रेस द्वारा अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद उद्धव ठाकरे गुट ने भी दत्तात्रय लहाने को उम्मीदवार बना दिया है। इससे इस सीट पर MVA के दोनों सहयोगी दलों के बीच सीधे मुकाबले की स्थिति बन गई है।
