31 जुलाई,2026 फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी शिक्षक की नौकरी करने वाले एक व्यक्ति को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। संबंधित विभाग ने उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए आठ वर्षों में प्राप्त वेतन और अन्य सरकारी लाभों की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने कथित रूप से गलत दस्तावेजों के आधार पर सरकारी सेवा प्राप्त की थी। सत्यापन के बाद प्रमाण पत्र को अवैध पाए जाने पर विभाग ने सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया।
जांच में सामने आई अनियमितता
विभागीय जांच के दौरान दस्तावेजों की जांच और सत्यापन में कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद संबंधित अधिकारी ने नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
वेतन की वसूली होगी
अधिकारियों के अनुसार, सेवा अवधि के दौरान प्राप्त वेतन और अन्य वित्तीय लाभों का आकलन किया जा रहा है। नियमों के तहत संबंधित राशि की वसूली की जाएगी।
फर्जी दस्तावेजों पर सख्ती
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी नौकरियों में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेजों के सत्यापन को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
