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तीन दशक बाद भी सरी का मेला जिंदा रखे हुए है गदर आंदोलन के शहीदों और प्रवासियों की विरासत

8 अगस्त, 2026 : कनाडा के सरी में आयोजित होने वाला वार्षिक मेला पिछले तीन दशकों से गदर आंदोलन से जुड़े इतिहास, संघर्ष और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बना हुआ है। कार्यक्रम में प्रवासी भारतीय समुदाय की भागीदारी के साथ गदर आंदोलन से जुड़े विचारों और इतिहास को याद किया जाता है।

आयोजकों के अनुसार, मेले का उद्देश्य उन लोगों के योगदान को याद रखना है, जिन्होंने भारत की आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, साहित्य और सामुदायिक कार्यक्रमों के जरिए इतिहास की इन स्मृतियों को जीवित रखा जाता है।

गदर आंदोलन की विरासत पर चर्चा

कार्यक्रम के दौरान गदर आंदोलन से जुड़े इतिहास और विदेशों में रहकर स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले भारतीयों की भूमिका पर चर्चा की जाती है। वक्ताओं ने कहा कि नई पीढ़ी को इस इतिहास से जोड़ना जरूरी है।

संस्कृति और इतिहास का संगम

मेले में संगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से गदर आंदोलन की विरासत को प्रस्तुत किया जाता है। इससे प्रवासी समुदाय को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का अवसर मिलता है।

तीन दशकों से जारी परंपरा

सरी में यह आयोजन लंबे समय से समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम बना हुआ है। आयोजकों का कहना है कि समय के साथ इसकी पहुंच बढ़ी है और युवा पीढ़ी भी इसमें सक्रिय रूप से भाग ले रही है।

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