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जालंधर के सीचेवाल स्कूल में छात्रों ने संभाली ई-वेस्ट अभियान की कमान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

25 अक्तूबर 2026:  पंजाब के जालंधर जिले के सीचेवाल स्थित एक स्कूल में विद्यार्थियों ने ई-वेस्ट यानी इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रबंधन को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। इस पहल के जरिए छात्रों ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित निपटान और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को सामने रखा।

छात्रों ने संभाली अभियान की जिम्मेदारी

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने या पुराने पड़ जाने के बाद उनसे निकलने वाला कचरा ई-वेस्ट कहलाता है। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, चार्जर, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान इसके उदाहरण हैं। यदि इस कचरे को सामान्य घरेलू कचरे के साथ फेंक दिया जाए, तो इसमें मौजूद हानिकारक पदार्थ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

सीचेवाल स्कूल में विद्यार्थियों की अगुवाई में चलाया गया यह अभियान ई-वेस्ट के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक पहल है। इस तरह की गतिविधियों से छात्रों को कचरे के सही प्रबंधन और जिम्मेदार नागरिक बनने के महत्व को समझने का अवसर मिलता है।

ई-वेस्ट का सही निपटान जरूरी

तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इलेक्ट्रॉनिक कचरे की मात्रा भी बढ़ रही है। पुराने उपकरणों को बिना उचित प्रक्रिया के नष्ट करने या खुले में फेंकने से मिट्टी और पानी प्रदूषित हो सकते हैं। इसलिए ई-वेस्ट को अलग इकट्ठा करना और अधिकृत संग्रह केंद्रों या रीसाइक्लिंग सुविधाओं तक पहुंचाना जरूरी है।

स्कूलों में ऐसे अभियानों के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण से जुड़े मुद्दों के बारे में जागरूक किया जा सकता है। विद्यार्थी इस जानकारी को अपने परिवार और आसपास के लोगों तक भी पहुंचा सकते हैं।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश

सीचेवाल स्कूल में विद्यार्थियों की अगुवाई में आयोजित ई-वेस्ट मुहिम यह बताती है कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक कचरे को जिम्मेदारी से संभालने की आदत संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रदूषण कम करने में मदद कर सकती है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अभियान के तहत एकत्र किए गए ई-वेस्ट की मात्रा, प्रतिभागियों की संख्या और कार्यक्रम की तारीख का विवरण नहीं दिया गया है।

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