20 जून 2026 : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि राज्य सरकार धार्मिक ग्रंथों और आस्था से जुड़े मामलों में बेअदबी की घटनाओं को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित नए कानून के लागू होने के बाद ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी की घटनाएं समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए सरकार एक ऐसा कानूनी ढांचा तैयार कर रही है, जिसके तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से लोग बेअदबी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे थे। सरकार का उद्देश्य ऐसे मामलों में त्वरित जांच, निष्पक्ष कार्रवाई और दोषियों को कठोर दंड दिलाना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, नया कानून धार्मिक भावनाओं के सम्मान और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी दोषी को राजनीतिक या अन्य प्रभाव के आधार पर राहत नहीं मिलेगी।
राज्य सरकार का मानना है कि सख्त कानूनी प्रावधानों से भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही लोगों के बीच विश्वास भी मजबूत होगा कि धार्मिक स्थलों और पवित्र ग्रंथों के सम्मान की रक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस मुद्दे पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की भी नजर बनी हुई है। आने वाले समय में प्रस्तावित कानून के प्रावधानों और उसके क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।
