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रोपड़ के 7 वर्षीय तेगबीर सिंह ने रचा इतिहास, 6,111 मीटर ऊंची चोटी फतह करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के पर्वतारोही बने

17 जुलाई 2026 पंजाब के रूपनगर (रोपड़) के रहने वाले 7 वर्षीय तेगबीर सिंह ने अपनी अद्भुत उपलब्धि से पूरे देश का नाम रोशन कर दिया है। तेगबीर ने 6,111 मीटर ऊंची पर्वत चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इसके साथ ही वह इतनी ऊंची चोटी फतह करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के पर्वतारोही बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि की देशभर में सराहना हो रही है और इसे साहस, दृढ़ संकल्प तथा अनुशासन का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है।

तेगबीर ने अपने अभियान के दौरान कठिन मौसम, बर्फीले रास्तों, तेज हवाओं और कम ऑक्सीजन जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया। विशेषज्ञ पर्वतारोहियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ चोटी तक पहुंचने का लक्ष्य हासिल किया। इतनी कम उम्र में इस तरह का साहसिक अभियान पूरा करना अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि माना जा रहा है।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि तेगबीर को बचपन से ही एडवेंचर स्पोर्ट्स और पर्वतारोहण में रुचि थी। नियमित अभ्यास, शारीरिक फिटनेस, मानसिक मजबूती और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियान से पहले उन्होंने विभिन्न ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण भी लिया था, जिससे कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित हुई।

तेगबीर की इस सफलता पर पंजाब के खेल जगत, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई दी है। कई लोगों ने कहा कि उनकी उपलब्धि राज्य के बच्चों और युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें मेहनत के दम पर पूरा करने की प्रेरणा देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां भारत में साहसिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ बच्चों में आत्मविश्वास और अनुशासन की भावना भी मजबूत करती हैं।

पर्वतारोहण विशेषज्ञों के अनुसार, 6,111 मीटर की ऊंचाई पर चढ़ाई करना आसान नहीं होता। वहां ऑक्सीजन का स्तर काफी कम होता है, तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है और मौसम पलभर में बदल सकता है। ऐसे में सफलतापूर्वक अभियान पूरा करना मजबूत शारीरिक क्षमता, मानसिक संतुलन, तकनीकी कौशल और अनुभवी टीम के सहयोग का परिणाम होता है।

तेगबीर सिंह की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल पंजाब बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है। खेल प्रेमियों और पर्वतारोहण समुदाय को उम्मीद है कि भविष्य में भी वह नई ऊंचाइयों को छूते हुए देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।

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