19 अक्तूबर 2026: रणजी ट्रॉफी में चंडीगढ़ की बल्लेबाजी एक बार फिर कमजोर नजर आई। हरियाणा के खिलाफ मुकाबले में चंडीगढ़ की टीम पहली पारी में केवल 103 रन पर ऑलआउट हो गई। इसके जवाब में हरियाणा ने दिन का खेल समाप्त होने तक चार विकेट के नुकसान पर 139 रन बना लिए और पहली पारी में 36 रन की बढ़त हासिल कर ली।
हरियाणा के कप्तान अंकित कुमार ने टॉस जीतकर चंडीगढ़ को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। हरियाणा के गेंदबाजों ने कप्तान के फैसले को सही साबित करते हुए शुरुआत से ही चंडीगढ़ के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। टीम के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी करने में नाकाम रहे और नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे।
चंडीगढ़ की शुरुआत बेहद खराब रही। अर्जुन आजाद बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। कप्तान मनन वोहरा केवल 10 रन बना सके, जबकि शिवम भांबरी भी बिना कोई रन बनाए आउट हो गए। शुरुआती विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई और बल्लेबाजों के लिए पारी को संभालना मुश्किल हो गया।
सलामी बल्लेबाज अर्सलान खान ने 58 गेंदों का सामना करते हुए 17 रन बनाए। हालांकि, वह अपनी पारी को बड़े स्कोर में नहीं बदल सके। इसके बाद अक्षत राणा ने कुछ देर तक संघर्ष करते हुए टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला।
अक्षत राणा ने 49 गेंदों में तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 31 रन बनाए। वह चंडीगढ़ की ओर से सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। विषु कश्यप ने भी 39 गेंदों में 26 रन बनाकर योगदान दिया। उनकी पारी में एक चौका और एक छक्का शामिल रहा। इन दोनों बल्लेबाजों के प्रयासों के बावजूद चंडीगढ़ की टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।
हरियाणा की ओर से गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। अजित चहल ने 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। अमन कुमार ने 21 रन देकर तीन बल्लेबाजों को आउट किया, जबकि अनुज थाकराल ने 34 रन देकर तीन विकेट झटके। कनिष्क चौहान को भी एक सफलता मिली। हरियाणा के गेंदबाजों ने मिलकर चंडीगढ़ की पूरी टीम को 42 ओवर से पहले ही समेट दिया।
103 रन के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी हरियाणा की शुरुआत भी आसान नहीं रही। टीम ने 37 रन के स्कोर तक अपने चार विकेट गंवा दिए। कप्तान अंकित कुमार पांच रन बनाकर आउट हुए, जबकि हिमांशु राणा नौ रन ही बना सके। अमन कुमार ने दो रन बनाए और धीरू सिंह 13 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
शुरुआती झटकों के बाद यशवर्धन दलाल और निशांत सिंधु ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए चंडीगढ़ के गेंदबाजों को आगे विकेट लेने से रोके रखा। उनकी साझेदारी ने हरियाणा को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।
यशवर्धन दलाल ने 99 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 63 रन बनाए। निशांत सिंधु ने 97 गेंदों का सामना करते हुए चार चौकों की मदद से नाबाद 46 रन जोड़े। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 102 रन की अविजित साझेदारी की। दिन का खेल समाप्त होने तक हरियाणा का स्कोर चार विकेट पर 139 रन था।
चंडीगढ़ की ओर से जगजीत सिंह संधू ने शुरुआती विकेट लेकर टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की। उन्होंने अंकित कुमार और हिमांशु राणा को आउट किया। निशुंक बिरला ने अमन कुमार का विकेट लिया, जबकि राज अंगद बावा ने धीरू सिंह को पवेलियन भेजा। हालांकि, दलाल और सिंधु की साझेदारी ने हरियाणा को बढ़त दिला दी।
चंडीगढ़ के लिए अब गेंदबाजी में वापसी करना और हरियाणा की बढ़त को सीमित रखना महत्वपूर्ण होगा। दूसरी ओर, हरियाणा के बल्लेबाज अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास करेंगे। मुकाबले का आगे का खेल दोनों टीमों के लिए अहम रहेगा, क्योंकि पहली पारी की बढ़त मैच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
