23 जुलाई 2026 : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान ट्रस्ट के न्यासियों ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया और व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही दर्शन व्यवस्था, चढ़ावे के प्रबंधन और नई नियुक्तियों से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।
SBI की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बैठक में ट्रस्ट सदस्यों ने मंदिर में आने वाले चढ़ावे और उससे संबंधित बैंकिंग प्रक्रियाओं की समीक्षा की। इस दौरान कुछ व्यवस्थाओं को लेकर असंतोष जताया गया और बैंकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने पर जोर दिया गया। ट्रस्ट ने संबंधित अधिकारियों से आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा होगी प्राथमिकता
ट्रस्ट ने बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने पर चर्चा की। भीड़ प्रबंधन, प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, कतार प्रणाली और अन्य सुविधाओं में सुधार के लिए कई सुझावों पर सहमति बनी। उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक दर्शन का अनुभव मिल सके।
चढ़ावे के प्रबंधन पर विशेष ध्यान
बैठक में मंदिर में प्राप्त होने वाले नकद और अन्य प्रकार के चढ़ावे के संग्रह, लेखा-जोखा और प्रबंधन को और अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने पर भी विचार किया गया। ट्रस्ट ने वित्तीय प्रक्रियाओं को मजबूत करने और आधुनिक व्यवस्थाओं को अपनाने पर जोर दिया।
नई नियुक्तियों को मिली मंजूरी
मंदिर परिसर और प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न पदों पर नई नियुक्तियों को भी मंजूरी दी गई। ट्रस्ट का मानना है कि बढ़ती व्यवस्थाओं को देखते हुए अतिरिक्त मानव संसाधन की आवश्यकता है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा
बैठक में मंदिर परिसर के विकास, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने से संबंधित योजनाओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। ट्रस्ट ने कहा कि सभी निर्णय श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर प्रशासन की पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं।
