9 अक्टूबर 2026: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ विद्यार्थियों की मांगों को लेकर विस्तार से बातचीत हुई है। राज ठाकरे के अनुसार, मुख्यमंत्री का रुख सकारात्मक नजर आया है और आने वाले कुछ दिनों में विद्यार्थियों को नौकरियों के संबंध में अच्छी खबर मिल सकती है।
मुख्यमंत्री फडणवीस से हुई विस्तृत चर्चा
राज ठाकरे ने 9 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने MPSC विद्यार्थियों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से विस्तार से बात की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार विद्यार्थियों की मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक कदम उठा सकती है।
राज ठाकरे ने विद्यार्थियों से संयम बनाए रखने की अपील भी की। हालांकि, उन्होंने किसी निश्चित फैसले, भर्ती की नई तारीख या नौकरी संबंधी घोषणा की पुष्टि नहीं की। फिलहाल उनकी ओर से सकारात्मक बातचीत और संभावित राहत की उम्मीद ही व्यक्त की गई है।
5 अक्टूबर को आंदोलन स्थल पर पहुंचे थे राज ठाकरे
इससे पहले 5 अक्टूबर को राज ठाकरे पुणे में MPSC विद्यार्थियों के आंदोलन स्थल पर पहुंचे थे। वहां उन्होंने प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनी थीं। उस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया था कि वे विद्यार्थियों की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे।
राज ठाकरे ने कहा था कि नौकरी की तैयारी के लिए युवा अपने घर, परिवार और गृह जिले से दूर रहकर मेहनत करते हैं। ऐसे में परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं के कारण उनका समय और भविष्य प्रभावित होना चिंता का विषय है। उन्होंने विद्यार्थियों की मांगों को मुख्यमंत्री के सामने रखने की बात कही थी।
किन मांगों को लेकर चल रहा है आंदोलन?
पुणे में MPSC के अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, भर्ती में पारदर्शिता और आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे सहित कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए गए हैं।
प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया स्पष्ट और भरोसेमंद होनी चाहिए, ताकि परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े। आंदोलन को अलग-अलग राजनीतिक नेताओं का समर्थन भी मिला है।
नौकरी और भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं की चिंता
सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए परीक्षा का समय पर होना, परिणाम घोषित होना और भर्ती प्रक्रिया पूरी होना बेहद महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक अनिश्चितता रहने से अभ्यर्थियों की तैयारी, आर्थिक स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
इसी वजह से विद्यार्थी परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और भर्ती से जुड़े फैसलों पर स्पष्टता की मांग कर रहे हैं। राज ठाकरे ने भी युवाओं के भविष्य और नौकरी के अवसरों को लेकर चिंता जताई है।
अभी आधिकारिक फैसले का इंतजार
राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख का उल्लेख करते हुए जल्द अच्छी खबर मिलने की उम्मीद जताई है। लेकिन जब तक सरकार की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।
विद्यार्थियों की मांगों पर सरकार क्या कदम उठाती है और भर्ती प्रक्रिया में क्या बदलाव किए जाते हैं, इस पर अब सबकी नजर है।
