24 मई 2026 : पंजाब में आयोजित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ट्रायल्स ने राज्य के युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उम्मीद दी है। जालंधर के बर्ल्टन पार्क स्थित सुरजीत हॉकी स्टेडियम और गवर्नमेंट आर्ट्स एंड स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित इन ट्रायल्स में पंजाब के विभिन्न जिलों से पहुंचे खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। हॉकी, एथलेटिक्स और बॉक्सिंग जैसे खेलों में हिस्सा लेने वाले युवा खिलाड़ी देश के लिए खेलने का सपना लेकर मैदान में उतरे।
इन ट्रायल्स का सबसे भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला जब 12 वर्षीय नौनिध सिंह मैदान में पूरे जोश के साथ दौड़ते नजर आए। जालंधर के मिथापुर गांव से आने वाले नौनिध एक दर्जी के बेटे हैं और भारतीय हॉकी खिलाड़ी Mandeep Singh की तरह देश के लिए खेलने का सपना देखते हैं। कोच की सीटी बजते ही नौनिध ने जिस आत्मविश्वास और मेहनत का प्रदर्शन किया, उसने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
खेलो इंडिया ट्रायल्स में पंजाब के कई जिलों—जालंधर, अमृतसर, नवांशहर, फरीदकोट और गुरदासपुर—से खिलाड़ी पहुंचे। हॉकी ट्रायल्स में करीब 100 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कई खिलाड़ी अपने माता-पिता के साथ सुबह चार बजे ही घर से निकल पड़े ताकि समय पर ट्रायल्स में पहुंच सकें। खिलाड़ियों और उनके परिवारों का यह समर्पण साफ दिखाता है कि खेल अब पंजाब के युवाओं के लिए केवल शौक नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य का रास्ता बन चुका है।
स्टेडियम में मौजूद 11 वर्षीय दृष्टि भी अपने भाई के ट्रायल्स देखने पहुंची थीं। उनकी मां अनुराधा, जो घरेलू काम करती हैं, ने कहा कि खेल उनके बच्चों की जिंदगी बदल सकते हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वह चाहती हैं कि उनके बच्चे खेलों के जरिए सम्मानजनक जीवन जिएं और संघर्षों से बाहर निकलें। यह भावना वहां मौजूद कई परिवारों की सोच को दर्शाती है, जो अपने बच्चों को खेलों के माध्यम से नई पहचान दिलाना चाहते हैं।
हॉकी के अलावा एथलेटिक्स और बॉक्सिंग ट्रायल्स भी आयोजित किए गए। अमृतसर से आए 12 वर्षीय गुरतेजबीर सिंह सुबह छह बजे अपने चाचा के साथ जालंधर पहुंचे। बॉक्सिंग में अपनी प्रतिभा दिखाने आए गुरतेजबीर का कहना था कि उनका सपना भारत के लिए मेडल जीतना है। ट्रायल्स में शामिल कई बच्चों ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
इन ट्रायल्स का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों का चयन करना नहीं था, बल्कि उन्हें सीखने और आगे बढ़ने का मौका देना भी था। मैदान में कोच खिलाड़ियों को तकनीक और फिटनेस से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव देते नजर आए। युवा खिलाड़ी भी पूरी गंभीरता के साथ कोच की बातों को समझते और मैदान में लागू करने की कोशिश करते दिखाई दिए।
खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर डॉ. बीर सिंह यादव ने कहा कि ट्रायल्स में शामिल खिलाड़ियों में जबरदस्त प्रतिभा दिखाई दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और यदि उन्हें सही प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलें तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
खेलो इंडिया योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देश में खेल संस्कृति को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को पहचानना है। इस योजना के तहत खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर दिए जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब लंबे समय से भारत को बेहतरीन खिलाड़ी देता आया है और खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रम राज्य की नई पीढ़ी को बड़ा मंच प्रदान कर रहे हैं। इन ट्रायल्स में दिखाई देने वाला उत्साह इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में पंजाब से कई नए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी उभर सकते हैं।
खेलो इंडिया ट्रायल्स ने केवल खिलाड़ियों को मौका नहीं दिया, बल्कि हजारों परिवारों को उम्मीद भी दी है। इन युवा खिलाड़ियों की आंखों में देश के लिए खेलने का सपना साफ दिखाई देता है। अब सभी की नजरें चयन प्रक्रिया और उन नए चेहरों पर टिकी हैं, जो भविष्य में भारत की खेल पहचान बन सकते हैं।
