26 अगस्त 2026 ऑनलाइन गेमिंग का बढ़ता क्रेज अब छात्रों की पढ़ाई और पारिवारिक जीवन को भी प्रभावित करने लगा है। पंजाब से सामने आए एक मामले में कुछ छात्रों ने कथित तौर पर परीक्षाएं तक छोड़ दीं और माता-पिता से अपनी ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियां छिपाने के लिए नई SIM खरीदी।
ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में पढ़ाई प्रभावित
बताया जा रहा है कि ऑनलाइन गेम खेलने की बढ़ती आदत के कारण कुछ छात्र पढ़ाई और परीक्षाओं से दूर होने लगे। गेमिंग में अधिक समय बिताने के चलते उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई और परीक्षा में शामिल होने के बजाय वे गेमिंग में व्यस्त रहे।
परिवारों को जब छात्रों की इस आदत का पता चला तो उन्होंने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की कोशिश की।
माता-पिता से बचने के लिए नई SIM
मामले में यह भी सामने आया कि कुछ छात्रों ने अपने ऑनलाइन गेमिंग अकाउंट और गतिविधियों को माता-पिता से छिपाने के लिए नई SIM कार्ड खरीदीं।
नई SIM का इस्तेमाल कथित तौर पर अलग मोबाइल नंबर और अकाउंट बनाए रखने के लिए किया गया, ताकि परिवार को उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की जानकारी न मिल सके।
गेमिंग की बढ़ती लत चिंता का विषय
ऑनलाइन गेमिंग मनोरंजन का माध्यम हो सकता है, लेकिन जब इसका इस्तेमाल लगातार और अनियंत्रित तरीके से होने लगे तो पढ़ाई, नींद, सामाजिक जीवन और पारिवारिक संबंध प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों और किशोरों के स्क्रीन टाइम पर संतुलित निगरानी और नियमित बातचीत जरूरी है।
परीक्षा छोड़ना गंभीर संकेत
छात्रों का परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण गतिविधि छोड़कर गेमिंग में लगे रहना चिंता का संकेत माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में केवल डांटने या फोन छीनने के बजाय समस्या के कारण को समझना और बच्चे से खुलकर बातचीत करना जरूरी है।
माता-पिता को यह भी देखना चाहिए कि बच्चा गेमिंग का इस्तेमाल तनाव, अकेलेपन या किसी अन्य परेशानी से बचने के लिए तो नहीं कर रहा।
परिवार और स्कूल दोनों की भूमिका
ऑनलाइन गेमिंग की समस्या से निपटने के लिए परिवार के साथ स्कूलों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। शिक्षकों और अभिभावकों को छात्रों के व्यवहार में अचानक बदलाव, पढ़ाई से दूरी और अत्यधिक स्क्रीन टाइम जैसे संकेतों पर ध्यान देना चाहिए।
जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग और पेशेवर सहायता भी ली जा सकती है।
कुल मिलाकर, पंजाब में ऑनलाइन गेमिंग को लेकर सामने आया यह मामला छात्रों के बीच बढ़ते गेमिंग क्रेज और उसके पढ़ाई पर पड़ने वाले असर को उजागर करता है। परीक्षा छोड़ना और माता-पिता से गतिविधियां छिपाने के लिए नई SIM खरीदना इस बात का संकेत है कि बच्चों की डिजिटल आदतों पर संतुलित निगरानी और समय रहते मार्गदर्शन जरूरी है।
