20 अगस्त 2026 : पंजाब में एक उपभोक्ता आयोग ने कनाडा जाने वाली फ्लाइट में एक यात्री को कथित तौर पर बोर्डिंग से रोकने के मामले में एयरलाइन को ₹1.53 लाख का भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग ने माना कि एयरलाइन यात्री को यात्रा से रोकने का कोई वैध कारण साबित करने में विफल रही और यह सेवा में कमी का मामला था।
यात्री के पास थे वैध दस्तावेज
शिकायत के अनुसार, यात्री ने एक ट्रैवल एजेंसी के जरिए नई दिल्ली से वारसॉ होते हुए टोरंटो जाने के लिए टिकट बुक कराया था। टिकट के लिए उसने ₹1,23,381 का भुगतान किया था।
यात्री का कहना था कि वह निर्धारित उड़ान से करीब पांच घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंच गया था। उसके पास वैध पासपोर्ट, कनाडा का मल्टीपल-एंट्री वीजा और कन्फर्म टिकट था। सुरक्षा और दस्तावेज संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वह बोर्डिंग पास लेने एयरलाइन काउंटर पर पहुंचा।
उसके आरोप के मुताबिक, एयरलाइन कर्मचारियों ने उसे करीब एक घंटे इंतजार करवाया और बाद में बोर्डिंग देने से इनकार कर दिया।
एयरलाइन ने बताया ‘नो-शो’
एयरलाइन ने अपने बचाव में दावा किया कि यात्री निर्धारित समय पर चेक-इन के लिए रिपोर्ट नहीं हुआ था और इसलिए उसे ‘नो-शो’ माना गया।
हालांकि, उपभोक्ता आयोग ने एयरलाइन के इस दावे को पर्याप्त रूप से साबित नहीं माना। आयोग ने ट्रैवल एजेंसी की ओर से एयरलाइन को भेजी गई ईमेल का भी उल्लेख किया, जिसमें यात्री को एयरलाइन काउंटर पर यात्रा करने के इरादे के बारे में पूछे जाने और फिर उसे बोर्डिंग की अनुमति नहीं दिए जाने की बात सामने आई थी।
एयरलाइन को देना होगा ₹1.53 लाख
पंजाब उपभोक्ता आयोग ने एयरलाइन को यात्री को ₹1,23,381 की पूरी टिकट राशि वापस करने का आदेश दिया।
इसके अलावा मानसिक परेशानी, उत्पीड़न और असुविधा के लिए ₹20,000 मुआवजा तथा मुकदमेबाजी के खर्च के रूप में ₹10,000 देने का निर्देश दिया गया। इस तरह कुल भुगतान ₹1,53,381 होगा।
ट्रैवल एजेंसी के खिलाफ शिकायत को आयोग ने खारिज कर दिया, क्योंकि उसके खिलाफ स्वतंत्र रूप से सेवा में कमी साबित नहीं हुई और वह केवल बुकिंग एजेंट के रूप में काम कर रही थी।
आयोग ने क्या कहा?
आयोग ने कहा कि एयरलाइन यात्री को यात्रा करने से रोकने के लिए कोई वैध औचित्य स्थापित करने में विफल रही और बाद में टिकट की राशि वापस न करने में भी सेवा में कमी की गई।
इस फैसले के बाद मामला एयरलाइन यात्रियों के अधिकारों और बिना स्पष्ट कारण बोर्डिंग से इनकार किए जाने को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, कनाडा जाने वाले पंजाब के एक यात्री को ‘नो-शो’ बताकर बोर्डिंग से रोकना एयरलाइन को महंगा पड़ा। उपभोक्ता आयोग ने यात्री के पक्ष में फैसला सुनाते हुए टिकट की पूरी राशि, मुआवजा और मुकदमेबाजी खर्च मिलाकर ₹1.53 लाख देने का आदेश दिया।
