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पंजाब के सरकारी स्कूलों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक शुरू होगी Competency-Based Learning

1 सितंबर 2026 :  पंजाब के सरकारी स्कूलों में अब कक्षा 6वीं से 12वीं तक Competency-Based Learning (CBL) शुरू करने की तैयारी है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को केवल पाठ्यपुस्तक और रटने पर निर्भर रखने के बजाय उनकी समझ, कौशल और व्यावहारिक क्षमता को विकसित करना है।

छात्रों की समझ और कौशल पर रहेगा जोर

Competency-Based Learning के तहत छात्रों का मूल्यांकन इस आधार पर किया जाएगा कि वे किसी विषय को कितना समझते हैं और सीखी हुई जानकारी का वास्तविक परिस्थितियों में किस तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।

इससे छात्रों में समस्या समाधान, तार्किक सोच, विश्लेषण और निर्णय लेने जैसी क्षमताओं को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

कक्षा 6वीं से 12वीं तक लागू करने की तैयारी

नई शिक्षण व्यवस्था को माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए लागू किया जाएगा। इसमें कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्रों को उनकी सीखने की क्षमता और विषय की समझ के आधार पर आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।

रटने की बजाय सीखने पर फोकस

पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था में कई बार छात्र परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने के लिए विषयों को याद करने पर अधिक ध्यान देते हैं। Competency-Based Learning में इस तरीके को बदलने का प्रयास किया जाएगा।

छात्रों को सवालों के जवाब याद करने के बजाय किसी अवधारणा को समझने और उसका इस्तेमाल करने के अवसर दिए जाएंगे।

शिक्षकों को भी मिलेगा प्रशिक्षण

नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। शिक्षकों को Competency-Based Learning से जुड़ी शिक्षण पद्धतियों और मूल्यांकन तकनीकों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके तहत कक्षा में गतिविधि आधारित शिक्षण, प्रोजेक्ट, चर्चा और व्यावहारिक उदाहरणों का इस्तेमाल बढ़ाया जा सकता है।

मूल्यांकन प्रणाली में भी बदलाव

CBL के तहत छात्रों के मूल्यांकन में केवल लिखित परीक्षा पर निर्भरता कम करने पर जोर रहेगा। छात्रों की विषय को समझने, उसका विश्लेषण करने और वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में लागू करने की क्षमता को भी देखा जाएगा।

छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने का प्रयास

इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा, रोजगार और दैनिक जीवन की चुनौतियों के लिए आवश्यक कौशल से लैस करना है।

Competency-Based Learning से छात्रों में आत्मविश्वास और स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता विकसित होने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, पंजाब के सरकारी स्कूलों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक Competency-Based Learning शुरू करने की तैयारी है। नई व्यवस्था में रटने की बजाय छात्रों की समझ, कौशल, तार्किक सोच और सीखी हुई जानकारी को वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने की क्षमता पर अधिक जोर दिया जाएगा।

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