25 अगस्त 2026 पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 500 नए ग्रामीण खेल मैदानों का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘सत्ता के भूखे’ करार दिया।
500 ग्रामीण खेल मैदानों का उद्घाटन
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। नए खेल मैदानों से गांवों के युवाओं को अभ्यास और खेल प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना और उन्हें नशे तथा अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखना है।
ग्रामीण युवाओं को मिलेगा फायदा
इन खेल मैदानों से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को फुटबॉल, कबड्डी, वॉलीबॉल, क्रिकेट और अन्य खेलों के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि गांवों में खेल ढांचे को मजबूत करने से खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर पर ही बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
विपक्ष पर CM मान का हमला
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियां जनहित के मुद्दों के बजाय सत्ता हासिल करने में अधिक रुचि रखती हैं।
मान ने कहा कि उनकी सरकार का ध्यान पंजाब के विकास और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने पर है, जबकि विपक्ष लगातार राजनीतिक विवाद खड़ा करने की कोशिश करता है।
युवाओं को खेलों से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देना पंजाब के युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। ग्रामीण स्तर पर सुविधाएं मिलने से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा और राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने खेल मैदानों के रखरखाव और उनके बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया।
पंजाब में खेल ढांचे को मजबूत करने का दावा
राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार को अपनी प्रमुख पहलों में शामिल करती रही है। सरकार का कहना है कि गांवों में खेल मैदान और अन्य सुविधाएं विकसित कर युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
कुल मिलाकर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 500 ग्रामीण खेल मैदानों का उद्घाटन करते हुए युवाओं को खेलों से जोड़ने और ग्रामीण खेल ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्हें सत्ता का भूखा बताया और अपनी सरकार को विकास पर केंद्रित बताया।
