6 अगस्त, 2026 : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (अमेंडमेंट) बिल, 2026 को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य निजी गैर-सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में फीस निर्धारण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और विद्यार्थियों व अभिभावकों के हित में बनाना है।
सरकार के अनुसार, संशोधित विधेयक के माध्यम से निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा फीस वृद्धि को विनियमित करने के लिए स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। इससे मनमानी फीस बढ़ोतरी पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।
विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत
सरकार का कहना है कि संशोधन का उद्देश्य विद्यार्थियों और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम करना है। फीस निर्धारण की प्रक्रिया तय नियमों और निगरानी व्यवस्था के तहत संचालित होगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
विधेयक में फीस संबंधी निर्णयों को अधिक पारदर्शी बनाने और शिकायतों के समाधान के लिए नियामकीय व्यवस्था को मजबूत करने का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण और किफायती शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह संशोधन शिक्षा क्षेत्र में सुधार और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
