18 मई 2026 : पंजाब में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध बायोमेडिकल कचरा रीसाइक्लिंग से जुड़े एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, अधिकारियों को लंबे समय से अवैध तरीके से बायोमेडिकल वेस्ट के संग्रह, प्रसंस्करण और दोबारा इस्तेमाल की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद PPCB और पुलिस ने संयुक्त रूप से कई स्थानों पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में इस्तेमाल किया गया मेडिकल कचरा, प्लास्टिक सामग्री और संदिग्ध रीसाइक्लिंग उपकरण बरामद किए गए। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मेडिकल वेस्ट को कथित तौर पर साफ कर दोबारा बाजार में भेजने की तैयारी की जा रही थी।
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बायोमेडिकल कचरे में संक्रमित सामग्री, इस्तेमाल की गई चिकित्सा वस्तुएं और अन्य खतरनाक अपशिष्ट शामिल होते हैं, जिन्हें वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करना जरूरी होता है।
पंजाब पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि अवैध रूप से तैयार की गई सामग्री कहां सप्लाई की जा रही थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन से संक्रमण फैलने और पर्यावरण प्रदूषण का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में सख्त निगरानी और नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी माने जाते हैं।
पंजाब में स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने संबंधित विभागों को निगरानी और सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल, जब्त सामग्री की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है। आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े मामलों में अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई कितनी जरूरी है।
