8 अक्टूबर 2026: पंजाब के सरकारी स्कूलों में अब छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसी नई तकनीकों से परिचित कराया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए मिशन रफ्तार (Mission Raftaar) के तहत प्रदेश के 425 सरकारी स्कूलों को चुना है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करना और उन्हें भविष्य की शिक्षा व रोजगार के लिए जरूरी कौशल से जोड़ना है।
425 सरकारी स्कूलों में शुरू होगा तकनीकी प्रशिक्षण
मिशन रफ्तार के तहत पंजाब के सभी 23 जिलों में 425 सरकारी स्कूलों को शामिल किया गया है। कार्यक्रम में AI, रोबोटिक्स और अन्य उभरती तकनीकों पर छात्रों और शिक्षकों को प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जा रहा है। मिशन का उद्देश्य केवल तकनीक की जानकारी देना नहीं, बल्कि छात्रों को प्रयोग और प्रोजेक्ट के जरिए सीखने का अवसर देना है।
पहले शिक्षकों को किया जा रहा तैयार
इस योजना के तहत शिक्षकों को पहले प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे अपने-अपने स्कूलों में छात्रों को इन तकनीकों की जानकारी दे सकें। अमृतसर में 27 सरकारी स्कूलों के कंप्यूटर शिक्षकों को AI, रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी की ट्रेनिंग दी जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी हरजिंदर सिंह के अनुसार, प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये शिक्षक अपने स्कूलों में रिसोर्स पर्सन के रूप में काम करेंगे और छात्रों को नई तकनीकों से जुड़ी जानकारी देंगे।
रोबोटिक्स किट से प्रैक्टिकल सीखेंगे छात्र
मिशन रफ्तार में केवल किताबों या क्लासरूम लेक्चर तक सीमित रहने के बजाय छात्रों को प्रैक्टिकल तरीके से सीखने पर भी जोर दिया जा रहा है। अमृतसर के 27 भाग लेने वाले स्कूलों को रोबोटिक्स किट खरीदने के लिए प्रति स्कूल ₹50,000 जारी किए गए हैं।
इन किट की मदद से छात्र AI और रोबोटिक्स से जुड़े प्रोजेक्ट तैयार करेंगे। इससे उन्हें तकनीकी अवधारणाओं को केवल पढ़ने के बजाय उन्हें बनाकर और प्रयोग करके समझने का अवसर मिलेगा।
AI शिक्षा को लेकर पहले से हो रही पहल
पंजाब के सरकारी स्कूलों में AI से जुड़ी शिक्षा की दिशा में पहले से भी प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, सरकारी स्कूलों के छात्रों को केंद्र सरकार के ‘Skill India for AI Readiness’ पोर्टल के जरिए भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से परिचित कराया जा रहा है।
शिक्षा अधिकारियों का मानना है कि AI और अन्य उभरती तकनीकों की जानकारी अब केवल अतिरिक्त कौशल नहीं रह गई है। भविष्य की पढ़ाई और रोजगार के बदलते स्वरूप को देखते हुए छात्रों को इन तकनीकों से शुरुआती स्तर पर परिचित कराना जरूरी होता जा रहा है।
Mission Raftaar का क्या है उद्देश्य?
मिशन रफ्तार का पूरा नाम Robotics and AI Framework for Teachers’ Advancement and Academia Readiness है। यह पंजाब सरकार का कार्यक्रम है, जिसे स्कूल शिक्षा विभाग और NIELIT Ropar के सहयोग से लागू किया जा रहा है।
आधिकारिक मिशन के अनुसार, 425 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के प्रशिक्षण के साथ-साथ छात्रों के लिए बूटकैंप, AIoT ट्रेनिंग किट और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म जैसी सुविधाओं पर भी काम किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत सभी 23 जिलों के स्कूलों को शामिल किया गया है।
छात्रों में बढ़ेगी तकनीकी समझ
AI, रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी की शुरुआती जानकारी छात्रों को भविष्य की तकनीकी दुनिया को समझने में मदद कर सकती है। प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा के जरिए छात्रों में समस्या समाधान, रचनात्मक सोच और तकनीकी प्रयोग की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार की इस पहल का एक अहम पहलू यह भी है कि सरकारी स्कूलों के छात्रों को उभरती तकनीकों से जुड़ने का अवसर स्कूल स्तर पर ही मिले। इससे वे आगे की पढ़ाई और करियर के लिए नई तकनीकों की बुनियादी समझ विकसित कर सकेंगे।
सरकारी स्कूलों में तकनीकी शिक्षा को नया विस्तार
पंजाब में 425 सरकारी स्कूलों को मिशन रफ्तार से जोड़ना तकनीकी शिक्षा को स्कूल स्तर तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के बाद छात्रों तक AI, रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी की जानकारी पहुंचाने की योजना है।
कुल मिलाकर, पंजाब के 425 सरकारी स्कूलों में AI, रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी को सीखने का अवसर मिलेगा। मिशन रफ्तार के तहत पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसके बाद वे छात्रों को इन तकनीकों से जुड़े प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट आधारित कौशल सिखाएंगे।
