• Tue. Oct 6th, 2026

पंजाब के 3,274 सरकारी स्कूलों में छात्राओं को मिलेगी सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग

6 अक्टूबर 2026  पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए रानी लक्ष्मीबाई सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है। यह कार्यक्रम समग्र शिक्षा योजना 2026-27 के तहत चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत राज्य के 3,274 सरकारी हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को विशेष सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को प्रशिक्षण

इस योजना का लाभ कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाली छात्राओं को मिलेगा। शिक्षा विभाग का उद्देश्य छात्राओं को ऐसी बुनियादी आत्मरक्षा तकनीकों से परिचित कराना है, जिनकी मदद से वे किसी आपात स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के लिए बेहतर तरीके से प्रतिक्रिया दे सकें।

सरकार का मानना है कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण से छात्राओं में केवल सुरक्षा को लेकर जागरूकता ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी मजबूत होगा।

3,274 स्कूलों में चलेगा कार्यक्रम

राज्यभर के कुल 3,274 सरकारी हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है। प्रत्येक स्कूल को प्रशिक्षण के लिए 13,200 रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है।

इसमें 10,000 रुपये प्रशिक्षक के मानदेय और 3,200 रुपये प्रशिक्षण सामग्री के लिए निर्धारित किए गए हैं। पूरे राज्य में इस कार्यक्रम के लिए 4.32 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई है।

60 कार्य दिवस तक होगी ट्रेनिंग

सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग कुल 60 कार्य दिवसों तक आयोजित की जाएगी। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि प्रशिक्षण के लिए मान्यता प्राप्त संस्था से निर्धारित योग्यता रखने वाले योग्य प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जाएं।

प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक सत्र करीब 45 मिनट से एक घंटे तक चलेगा। खास बात यह है कि प्रशिक्षण सत्र के दौरान एक महिला शिक्षिका की मौजूदगी अनिवार्य रखी गई है।

स्कूल स्तर से राज्य स्तर तक होंगी प्रतियोगिताएं

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद छात्राओं के बीच सेल्फ डिफेंस से जुड़ी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। प्रतियोगिताओं के लिए छात्राओं को अलग-अलग वजन वर्गों में रखा जाएगा।

कक्षा 6 से 8 के लिए चार वजन वर्ग तय किए गए हैं, जबकि कक्षा 9 से 12 की छात्राओं के लिए भी चार अलग-अलग वजन वर्ग होंगे। स्कूल स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाली छात्राएं आगे ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकेंगी।

विजेताओं को मिलेंगे पुरस्कार

कार्यक्रम के तहत ब्लॉक स्तर पर विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न दिए जाएंगे। वहीं जिला और राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे।

इससे छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण के साथ-साथ खेल भावना और प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी क्षमताओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

स्कूल प्रबंधन समितियों की भी जिम्मेदारी

पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की निगरानी स्कूल प्रबंधन समितियों के अधीन होगी। शिक्षा विभाग ने कार्यक्रम में होने वाले खर्च को Public Financial Management System (PFMS) के माध्यम से करने के निर्देश दिए हैं, ताकि वित्तीय प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

छात्राओं की सुरक्षा और आत्मविश्वास पर जोर

पंजाब सरकार और शिक्षा विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें अधिक आत्मविश्वासी बनाना है। स्कूल स्तर पर इस तरह का नियमित प्रशिक्षण छात्राओं को शारीरिक सुरक्षा के साथ-साथ मानसिक रूप से भी मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।

कुल मिलाकर, पंजाब में 3,274 सरकारी स्कूलों की छात्राओं के लिए शुरू किया गया रानी लक्ष्मीबाई सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम सुरक्षा और आत्मविश्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को 60 कार्य दिवसों तक प्रशिक्षण दिया जाएगा और इसके बाद विभिन्न स्तरों पर प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *