30 मई 2026 : पुणे के हडपसर इलाके में जहरीली शराब कांड ने कई परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी है। इस त्रासदी में 52 वर्षीय अशोक रमेश चव्हाण की भी मौत हो गई, जो एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी थे। उन्होंने 32 वर्षों तक महेश बैंक में सेवाएं दी थीं और रिटायरमेंट के बाद भी परिवार के भरण-पोषण के लिए सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे थे। उनकी मौत से पत्नी और इकलौते बेटे पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इसी तरह पांढरेमळा क्षेत्र के रहने वाले यशवंत पवार की भी जहरीली शराब पीने से मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, शराब पीकर घर लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही समय में उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी बहन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मौत का कारण हृदयाघात बताया, जबकि परिवार इसे जहरीली शराब से हुई मौत मान रहा है।
एक अन्य पीड़ित दत्ता माधवराव सूर्यवंशी (54) थे, जो सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। डेढ़ साल पहले उनकी पत्नी का निधन हुआ था और अब जहरीली शराब ने उनके बच्चों के सिर से पिता का साया भी छीन लिया।
विजय शर्मा (46) की मौत ने भी पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले विजय अपने पीछे पत्नी, दो बेटियों और दो बेटों को छोड़ गए हैं। परिवार का आरोप है कि उनकी मौत भी जहरीली शराब से हुई, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में उनका नाम शामिल नहीं किया गया है।
इस जहरीली शराब कांड ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। कहीं बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया तो कहीं बुजुर्ग माता-पिता ने अपने बेटे खो दिए। पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।
