मुल्लांपुर दाखा 24 फरवरी 2026 : पावरकॉम पर अपने उपभोक्ताओं को बिजली चोरी के मामलों में फर्जी हस्ताक्षर कर फंसाने के आरोप लगे हैं। ताजा मामला तब सामने आया जब 30 साल पहले दुनिया छोड़ चुके एक उपभोक्ता के नाम पर कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर कर उसके परिवार को लाखों रुपए का जुर्माना भेज दिया गया। उपभोक्ता के बेटे ने पुलिस को शिकायत देकर मांग की है कि उसके दिवंगत पिता के नाम पर लगे बिजली मीटर से जुड़े मामले में फर्जी हस्ताक्षर कर झूठा बिजली चोरी का केस बनाने की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
स्व: प्यारे लाल के बेटे रविंदर पाल ने बताया कि उनके पिता की मृत्यु वर्ष 1997 में हो चुकी है, लेकिन उनके नाम पर लगा बिजली मीटर नंबर 3006687915 (मीटर सीरियल नंबर 814187) अब भी दर्ज है। कुछ दिन पहले बिजली विभाग के अधिकारी उनके घर पहुंचे और कहा कि उनके खिलाफ बिजली चोरी का केस दर्ज किया गया है, क्योंकि मीटर से छेड़छाड़ की गई है। जब रविंदर पाल ने संबंधित दस्तावेज मांगे, तो कागजात देखकर वह हैरान रह गए। दस्तावेजों पर उनके दिवंगत पिता प्यारे लाल के कथित हस्ताक्षर थे, जबकि उनकी मृत्यु 1997 में हो चुकी है। रविंदर पाल ने जब अधिकारियों से पूछा कि उनके पिता की मौत के बाद ये हस्ताक्षर कब, किसने और कैसे किए, तो अधिकारी वहां से चले गए। उनका आरोप है कि विभागीय दफ्तर में भी उनकी बात सुनने से कतराया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन और बिजली बोर्ड के अधिकारियों से इस गंभीर मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
क्या कहते हैं एसडीओ?
पावरकॉम अड्डा दाखा के एसडीओ जसकिरनप्रीत सिंह ने कहा कि उपभोक्ता द्वारा बिजली चोरी की गई है और मीटर से छेड़छाड़ के कारण मामला दर्ज किया गया है। फर्जी हस्ताक्षर के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब मीटर उतारने वाली टीम मौके पर पहुंची थी, तो किसी उपभोक्ता ने हस्ताक्षर किए होंगे, जो घर का सदस्य भी हो सकता है, कोई बाहरी व्यक्ति नहीं। मामले की जांच की जा रही है।
क्या कहते हैं एसएचओ?
इस मामले में शिकायत को लेकर जब इंस्पेक्टर कुलजिंदर सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
