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पंजाब यूनिवर्सिटी की स्टार्टअप्स को बड़ी मदद, नए उद्यमों को शुरुआती बिजनेस ऑर्डर दिलाने और बाजार में अपनी पहचान बनाने के लिए सहयोग देने की तैयारी

18 अक्तूबर 2026:  पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) ने नए उद्यमियों और स्टार्टअप्स को अपने कारोबार की शुरुआत करने तथा शुरुआती बिजनेस ऑर्डर हासिल करने में मदद देने के लिए वर्ष 2026-27 के दौरान कई पहल करने की योजना बनाई है। इन पहलों का उद्देश्य नए विचारों को व्यावसायिक उत्पादों और सेवाओं में बदलना, उद्योगों के साथ संपर्क बढ़ाना और शोध के जरिए विकसित तकनीकों को बाजार तक पहुंचाना है।

पंजाब यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत टेक्नोलॉजी इनेबलिंग सेंटर (DST-TEC) इन पहलों को आगे बढ़ाएगा। इसे भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का समर्थन प्राप्त है। केंद्र का जोर स्टार्टअप्स को केवल विचार और तकनीकी मार्गदर्शन तक सीमित न रखते हुए उन्हें संभावित ग्राहकों, उद्योगों और निवेशकों से जोड़ने पर है।

‘क्रिएट योर स्टार्टअप’ कार्यक्रम होगा शुरू

यूनिवर्सिटी की प्रमुख पहल ‘क्रिएट योर स्टार्टअप’ कार्यक्रम दो नवंबर से शुरू होकर 30 जनवरी 2027 तक चलेगा। यह कार्यक्रम हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जाएगा, जिससे प्रतिभागी ऑनलाइन और निर्धारित प्रारूप के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

कार्यक्रम में 11 व्याख्यान, छह असाइनमेंट और कुल 22 घंटे का शिक्षण शामिल होगा। इसके बाद 12 फरवरी को निवेशक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को अपने व्यावसायिक विचार प्रस्तुत करने, संभावित निवेशकों से मिलने और अपने उद्यम को आगे बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराना है।

इस कार्यक्रम में किसी भी उम्र और शैक्षणिक पृष्ठभूमि के लोग हिस्सा ले सकेंगे। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागियों को छह महीने तक मुफ्त मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही, उन्हें उपयुक्त इनक्यूबेटर की पहचान करने में सहायता मिलेगी। प्रतिभागी अपने स्वयं के विचारों या उपलब्ध पेटेंट तकनीकों के आधार पर भी स्टार्टअप विकसित करने का विकल्प चुन सकेंगे।

उद्योगों से जुड़कर मिलेंगे बिजनेस ऑर्डर के अवसर

कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता प्रतिभागियों को उद्योग जगत के साथ सीधे संपर्क का अवसर देना है। स्टार्टअप्स को उद्योग संघों की बैठकों में एक साल तक मुफ्त पिचिंग के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके माध्यम से वे अपने उत्पादों और तकनीकों को संभावित खरीदारों के सामने प्रस्तुत कर सकेंगे तथा शुरुआती व्यावसायिक ऑर्डर हासिल करने की दिशा में काम कर सकेंगे।

DST-TEC के समन्वयक और पंजाब यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर इंडस्ट्री-इंस्टीट्यूट पार्टनरशिप प्रोग्राम के निदेशक प्रोफेसर मनु शर्मा के अनुसार, केंद्र के पास 1,000 से अधिक कंपनियों का डेटाबेस है। यह नेटवर्क अकादमिक संस्थानों और उद्योगों के बीच तकनीक हस्तांतरण तथा सहयोग को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।

लुधियाना में 14 नवंबर को टेक्नोलॉजी मीट

यूनिवर्सिटी की अगली पहल 14 नवंबर को लुधियाना में आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल अंडरटेकिंग्स (CICU) के सहयोग से होगा। इसमें 20 से अधिक विनिर्माण उद्योगों के भाग लेने की उम्मीद है।

इस बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), विशेष मशीनरी, इमेज प्रोसेसिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, जल उपचार और वायु शुद्धिकरण जैसी तकनीकों पर काम करने वाले वैज्ञानिकों और स्टार्टअप्स को उद्योग प्रतिनिधियों से बातचीत करने का अवसर मिलेगा। इसका मकसद तकनीकी समाधान प्रस्तुत करना, कंपनियों की जरूरतों को समझना और तकनीक के व्यावसायिक इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशना है।

दिव्यांगजनों के लिए तकनीक पर राष्ट्रीय सम्मेलन

तीन दिसंबर को पंजाब यूनिवर्सिटी दिव्यांगजनों के लिए तकनीकों पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगी। यह कार्यक्रम यूनिवर्सिटी के इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेल फॉर पर्सन्स विद डिसएबिलिटीज, चंडीगढ़ इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन, नीति आयोग और चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से होगा।

सम्मेलन में नौ दिव्यांगता-संबंधी क्षेत्रों में विकसित नवाचारों को प्रदर्शित करने की योजना है। उद्योगों, शोध संस्थानों और स्टार्टअप्स को इन तकनीकों के व्यावसायीकरण तथा तकनीक हस्तांतरण की संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा।

MACHMA Expo और MedTEC Fair से भी मिलेगा मंच

DST-TEC 11 से 14 दिसंबर तक सेक्टर-17 के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले 13वें MACHMA Expo-2026 में टेक्नोलॉजी पार्टनर के रूप में हिस्सा लेगा। इस प्रदर्शनी में 200 से अधिक स्टॉल और 5,000 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों के आने की उम्मीद है। इससे स्टार्टअप्स को अपने उत्पाद दिखाने, तकनीकी परामर्श देने और उद्योगों के साथ सहयोग तलाशने का अवसर मिलेगा।

इसके अलावा, 12 से 14 फरवरी 2027 तक पंजाब यूनिवर्सिटी के सेक्टर-25 स्थित कन्वेंशन सेंटर में INDIA MedTEC Fair-2027 आयोजित किया जाएगा। PGIMER के सहयोग से होने वाले इस आयोजन का उद्देश्य चिकित्सा उपकरण निर्माताओं को अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, क्लीनिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जोड़ना है। इसमें 50 से अधिक उद्योग प्रदर्शकों, 1,000 से ज्यादा आगंतुकों और लगभग 10 विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।

इन पहलों के जरिए पंजाब यूनिवर्सिटी स्टार्टअप्स के सामने आने वाली शुरुआती चुनौतियों—जैसे बाजार तक पहुंच, उद्योगों से संपर्क और तकनीक का व्यावसायिक इस्तेमाल—को कम करने का प्रयास कर रही है। हालांकि, किसी स्टार्टअप को वास्तविक ऑर्डर मिलने की सफलता उसके उत्पाद, गुणवत्ता, कीमत और ग्राहकों की जरूरतों पर भी निर्भर करेगी।

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