25 जून 2026 : महाराष्ट्र में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी Tukaram Mundhe के संभावित तबादले को लेकर लगाए गए आरोपों ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। इस बीच राज्य सरकार में मंत्री Narahari Zirwal ने उन आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है, जिनमें दावा किया गया था कि मुंढे की बदली के लिए 250 करोड़ रुपये जुटाए गए।
नरहरी झिरवाळ ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ऐसी बातें बिना किसी ठोस आधार के फैलाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति और तबादले निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत किए जाते हैं और इसमें किसी प्रकार की वित्तीय लेनदेन की बात सही नहीं है।
मंत्री ने तुकाराम मुंढे के कार्यों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वे एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के तबादले प्रशासनिक आवश्यकताओं और सरकारी नीतियों के अनुसार होते हैं।
हालांकि, विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे पर पारदर्शिता की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इस प्रकार के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
तुकाराम मुंढे अपने प्रशासनिक फैसलों और सख्त कार्यशैली के कारण अक्सर चर्चा में रहे हैं। विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने कई सुधारात्मक कदम उठाए, जिसके चलते उन्हें व्यापक पहचान मिली।
फिलहाल इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी जारी है, जबकि सरकार की ओर से आरोपों को पूरी तरह खारिज किया गया है। मामले को लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक स्तर पर चर्चा बनी हुई है।
