14 अक्टूबर 2026: मुंबई लोकल से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। मध्य रेलवे के कल्याण से आसनगांव के बीच चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य जारी है। इस परियोजना का उद्देश्य व्यस्त रेल मार्ग की क्षमता बढ़ाना और लोकल तथा लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाना है। इस मार्ग पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चौथी लाइन को महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
32 किलोमीटर से अधिक लंबी होगी नई रेल लाइन
कल्याण से आसनगांव के बीच चौथी रेल लाइन की लंबाई लगभग 32.22 किलोमीटर है। इस परियोजना को मुंबई शहरी परिवहन परियोजना (एमयूटीपी-3ए) के तहत मंजूरी दी गई है। इसके लिए करीब 1,759 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
रेलवे के अनुसार, परियोजना में जमीन अधिग्रहण, मिट्टी की खुदाई, पुलों और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम शामिल हैं। निर्माण पूरा होने के बाद इस रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही संभालने की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों को मिलेगा फायदा
मुंबई के उपनगरीय रेल नेटवर्क पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। कल्याण और आसपास के क्षेत्रों से मुंबई आने-जाने वाले यात्रियों को खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में भारी भीड़ का सामना करना पड़ता है।
इस मार्ग पर लोकल ट्रेनों के साथ लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी चलती हैं। ऐसे में अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होने से ट्रेनों का संचालन अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। रेलवे को ट्रेनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे, जिससे भविष्य में लोकल सेवाओं की संख्या बढ़ाने की संभावनाएं भी बेहतर हो सकती हैं।
निर्माण कार्य में क्या है प्रगति?
परियोजना की प्रगति से संबंधित उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित 28 हेक्टेयर भूमि में से 17 हेक्टेयर का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा, निर्धारित 13.32 लाख घनमीटर मिट्टी के काम में से 2.58 लाख घनमीटर काम पूरा हुआ है।
परियोजना के तहत सात प्रमुख पुलों में से छह पर काम प्रगति पर है। वहीं, 92 छोटे पुलों और संबंधित संरचनाओं में से आठ का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि बाकी काम जारी है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि परियोजना में अभी कई निर्माण कार्य पूरे किए जाने बाकी हैं।
यात्रियों को कब मिलेगी राहत?
चौथी रेल लाइन का निर्माण पूरा होने और इसे नियमित रेल संचालन के लिए चालू किए जाने के बाद यात्रियों को इसका वास्तविक लाभ मिल सकेगा। अतिरिक्त ट्रैक से रेलवे को समय-सारिणी बेहतर बनाने और लोकल व लंबी दूरी की ट्रेनों के बीच संचालन संबंधी दबाव कम करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, नई लाइन शुरू होते ही ट्रेनों की गति बढ़ने या लोकल फेरे तुरंत बढ़ने की गारंटी नहीं है। इसके लिए रेलवे को संचालन की योजना, समय-सारिणी और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी तैयार करनी होंगी।
कुल मिलाकर, कल्याण-आसनगांव चौथी रेल लाइन मुंबई के व्यस्त रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को भविष्य में बेहतर रेल सेवाएं मिलने की उम्मीद है।
