23 जून 2026 : हरियाणा में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों की संख्या बढ़ाने की मांग को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों और प्रशासनिक हलकों का कहना है कि राज्य में बढ़ती जनसंख्या, विकास परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारियों की उपलब्धता आवश्यक है।
वर्तमान में कई विभागों और जिलों में अधिकारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियों का बोझ है। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कैडर में अधिक IAS अधिकारियों की नियुक्ति होती है, तो निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और योजनाओं के कार्यान्वयन में सुधार आएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, पर्याप्त अधिकारियों की उपलब्धता से शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सकती है। इससे विकास कार्यों की निगरानी, जन शिकायतों के निस्तारण और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को भी मजबूती मिलेगी।
हरियाणा में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, औद्योगिक विकास और नई परियोजनाओं के कारण प्रशासनिक ढांचे पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में अधिकारियों की संख्या बढ़ाने को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम माना जा रहा है।
प्रशासनिक सुधारों के समर्थकों का कहना है कि मानव संसाधन की कमी कई बार योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में बाधा बनती है। अधिक अधिकारियों की नियुक्ति से सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में भी सुधार हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सुशासन सुनिश्चित करने के लिए केवल नीतियां बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें लागू करने के लिए सक्षम और पर्याप्त प्रशासनिक तंत्र का होना भी जरूरी है। इसी कारण हरियाणा कैडर में IAS अधिकारियों की संख्या बढ़ाने की मांग को महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
