22 अक्तूबर 2026: पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी का रोमांच बढ़ने वाला है। पुरुषों की हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल और पदक मुकाबलों की मेजबानी मोहाली करेगा। टूर्नामेंट के लीग चरण के मुकाबले 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जालंधर में खेले जाएंगे, जबकि सेमीफाइनल 4 नवंबर और कांस्य पदक तथा फाइनल मुकाबले 5 नवंबर को मोहाली में होंगे।
इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक किया जाएगा। मुकाबले जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम और मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। पंजाब में इस स्तर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी को खेल प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
छह टीमें खिताब के लिए उतरेंगी मैदान में
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत समेत छह टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें भारत, दक्षिण कोरिया, जापान, मलेशिया, चीन और बांग्लादेश शामिल हैं। सभी टीमें टूर्नामेंट में खिताब जीतने के लिए मुकाबला करेंगी।
भारतीय टीम अपने घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा उठाने और खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी। हालांकि, एशिया की अन्य मजबूत टीमों से मिलने वाली चुनौती के कारण मुकाबले रोमांचक रहने की उम्मीद है।
जालंधर में होंगे लीग चरण के मुकाबले
टूर्नामेंट की शुरुआत 27 अक्टूबर को जालंधर में होगी। शहर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में लीग चरण के सभी मुकाबले 2 नवंबर तक खेले जाएंगे। इसके बाद प्रतियोगिता का अगला चरण मोहाली में आयोजित होगा।
जालंधर का हॉकी से पुराना और मजबूत रिश्ता रहा है। यहां से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी भारतीय हॉकी को मिले हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय टीमों के मुकाबलों से स्थानीय खिलाड़ियों और युवा खेल प्रेमियों को भी प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
4 नवंबर को सेमीफाइनल, 5 नवंबर को फाइनल
टूर्नामेंट के निर्णायक मुकाबले मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में होंगे।
- 27 अक्टूबर से 2 नवंबर: जालंधर में लीग चरण के मुकाबले
- 4 नवंबर: मोहाली में सेमीफाइनल मुकाबले
- 5 नवंबर: कांस्य पदक और फाइनल मुकाबले
सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों के बीच फाइनल में जगह बनाने के लिए मुकाबला होगा। इसके बाद 5 नवंबर को तीसरे स्थान के लिए कांस्य पदक मैच और खिताब के लिए फाइनल खेला जाएगा।
दर्शकों के लिए प्रवेश मुफ्त
टूर्नामेंट को लेकर हॉकी प्रेमियों के लिए एक और अहम जानकारी यह है कि हॉकी इंडिया ने जालंधर और मोहाली में दर्शकों के लिए प्रवेश मुफ्त रखने की घोषणा की है। दर्शक निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन डिजिटल एंट्री पास प्राप्त कर सकते हैं।
इस फैसले से अधिक लोगों को स्टेडियम पहुंचकर अंतरराष्ट्रीय हॉकी मुकाबले देखने का अवसर मिल सकता है। आयोजकों को उम्मीद है कि पंजाब के हॉकी प्रेमी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने पहुंचेंगे।
पंजाब में हॉकी को मिलेगा बढ़ावा
पंजाब को भारतीय हॉकी की प्रमुख नर्सरी माना जाता है। राज्य ने देश को कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं और यहां हॉकी की मजबूत परंपरा रही है। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जैसे आयोजन से इस परंपरा को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
टूर्नामेंट के लिए जालंधर और मोहाली के स्टेडियमों में सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी काम किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी से स्थानीय खेल ढांचे को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवा खिलाड़ियों को शीर्ष स्तर की हॉकी करीब से देखने का मौका मिलेगा।
भारतीय टीम पर रहेंगी सबकी नजरें
भारत एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास की सबसे सफल टीमों में शामिल है। घरेलू मैदान पर खेलने के कारण भारतीय टीम से प्रशंसकों की उम्मीदें भी अधिक रहेंगी। हालांकि, खिताब तक पहुंचने के लिए टीम को लीग चरण में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद नॉकआउट मुकाबलों में भी जीत दर्ज करनी होगी।
अब हॉकी प्रेमियों की नजरें 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले मुकाबलों पर टिकी हैं। जालंधर में लीग चरण के बाद मोहाली में होने वाले सेमीफाइनल और फाइनल टूर्नामेंट का रोमांचक समापन करेंगे।
