• Sat. Oct 24th, 2026

टीवी पर गाने सुनकर शुरू हुआ सफर, अब अपनी अलग पहचान बनाना चाहती हैं जालंधर की गायिका मेहक बैंस

24 अक्तूबर 2026:  पंजाब के जालंधर की 20 वर्षीय गायिका मेहक बैंस ने बचपन के शौक को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है। महज तीन साल की उम्र में टीवी पर पंजाबी कार्यक्रम के गाने सुनकर उनके मन में संगीत के प्रति रुचि पैदा हुई। उस समय वह गानों के साथ गुनगुनाया करती थीं। उनकी इस रुचि को देखकर परिवार ने भी उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें संगीत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। आज मेहक संगीत में स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं और विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं।

मां से मिली संगीत की शुरुआती शिक्षा

मेहक बैंस के संगीत सफर में उनकी मां की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनकी मां ने संगीत में एमए किया है और उन्होंने ही मेहक को शुरुआती संगीत की शिक्षा दी। घर से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे स्थानीय प्रतियोगिताओं से आगे बढ़कर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया।

मेहक ने अलग-अलग मंचों पर अपनी गायकी का प्रदर्शन किया और कई प्रतियोगिताओं में पुरस्कार हासिल किए। उनकी उपलब्धियां बताती हैं कि बचपन से संगीत में बनी रुचि को उन्होंने लगातार अभ्यास और सीखने के जरिए आगे बढ़ाया है।

प्रतियोगिताओं में हासिल की पहचान

मेहक ने विद्यक मुकाबलों में जिला स्तर पर पांच बार प्रथम पुरस्कार और राज्य स्तर पर तीन बार प्रथम पुरस्कार हासिल किया। इसके अलावा, जालंधर में आयोजित श्री बाबा हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन में वह शीर्ष छह फाइनलिस्ट में शामिल हुईं।

उन्होंने कला उत्सव की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी पहला स्थान प्राप्त किया और इसके बाद शास्त्रीय गायन में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन किया। वर्ष 2021 में तीन दिवसीय बसंत पंचमी उत्सव के दौरान अंतर-जोनल स्तर पर भी उन्होंने प्रथम स्थान हासिल किया। इसके अलावा, वह गदरी बाबा प्रतियोगिता में भी अपनी गायकी प्रस्तुत कर चुकी हैं।

मेहक ने हैदराबाद में आयोजित एआईयू कव्वाली फेस्ट में पहला पुरस्कार जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और नाम जोड़ा। इन प्रतियोगिताओं में मिली सफलता ने उन्हें संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है।

कई दिग्गज गायकों से मिलती है प्रेरणा

मेहक की संगीत में रुचि केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं है। वह अलग-अलग दौर और शैलियों के गायकों को सुनना पसंद करती हैं। उनकी पसंद में गजल गायक गुलाम अली, जगजीत सिंह, नुसरत फतेह अली खान और परवेज मेहदी शामिल हैं। इसके अलावा, वह आशा भोसले, नूरजहां और अफशां खान की गायकी से भी प्रेरणा लेती हैं।

विभिन्न गायकों को सुनने से उन्हें संगीत की अलग-अलग शैलियों को समझने का अवसर मिलता है। वह अपनी गायकी में इस विविधता को बनाए रखते हुए अपनी अलग पहचान विकसित करना चाहती हैं।

संगीत जगत के कलाकारों से भी जुड़ रहा सफर

मेहक का जुड़ाव जालंधर के स्थानीय संगीत मंचों से भी रहा है। गायक सहजदीप सिंह ने हाल ही में उनके साथ एक जामिंग सत्र का वीडियो साझा किया। सहजदीप सिंह जी टीवी के गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा’ के शीर्ष 12 प्रतियोगियों में जगह बना चुके हैं।

मेहक ने बताया कि वह सहजदीप को उस समय से जानती हैं, जब वह जालंधर के केएल सहगल मेमोरियल में स्थानीय कार्यक्रमों में प्रस्तुति देते थे। यह जुड़ाव शहर के संगीत समुदाय और स्थानीय मंचों की भूमिका को भी दर्शाता है, जहां उभरते कलाकारों को एक-दूसरे से सीखने और अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिलते हैं।

अपनी मौलिक संगीत पहचान बनाना चाहती हैं मेहक

मेहक बैंस का लक्ष्य केवल स्थापित गायकों के गीत प्रस्तुत करना नहीं है। वह भविष्य में एक स्वतंत्र कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहती हैं और अपना मौलिक संगीत तैयार करके रिलीज करना चाहती हैं। उनकी इच्छा है कि वह अपने रचनात्मक फैसले खुद ले सकें और किसी अनुबंध के बंधन में बंधे बिना अपनी संगीत यात्रा को आगे बढ़ाएं।

बचपन में टीवी पर गानों के साथ गुनगुनाने से शुरू हुआ उनका सफर अब संगीत की औपचारिक पढ़ाई, प्रतियोगिताओं में उपलब्धियों और स्वतंत्र कलाकार बनने के सपने तक पहुंच चुका है। आने वाले समय में मेहक अपनी आवाज और मौलिक रचनाओं के जरिए संगीत जगत में अलग स्थान बनाने की उम्मीद रखती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *