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मेयर वर्ल्ड स्कूल में खुली नई STREAM लैब, विद्यार्थियों को मिलेगा आधुनिक तकनीकी शिक्षा का अवसर

15 अक्तूबर 2026:  पंजाब के जालंधर स्थित मेयर वर्ल्ड स्कूल में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और तकनीकी कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से नई STREAM लैब ‘नट्स एंड बोल्ट्स’ का उद्घाटन किया गया। इस लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक, रोबोटिक्स, इंजीनियरिंग, कला और गणित जैसे विषयों को एक साथ समझने तथा व्यावहारिक रूप से सीखने का अवसर मिलेगा। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक सोच, समस्या सुलझाने की क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।

लैब के उद्घाटन समारोह में मालेरकोटला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरकमल प्रीत सिंह खख मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। तकनीकी साझेदार मनीष झा और सुधा झा विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल की उपाध्यक्ष नीरजा मेयर ने की। समारोह में स्कूल के शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक भी शामिल हुए। उन्होंने लैब की सुविधाओं को देखा और इस नई शैक्षणिक पहल के बारे में जानकारी प्राप्त की।

नीरजा मेयर ने कहा कि STREAM लैब को इस तरह तैयार किया गया है कि विद्यार्थी अलग-अलग विषयों को एक-दूसरे से जोड़कर सीख सकें। पारंपरिक शिक्षा में विज्ञान, गणित और कला जैसे विषयों को अक्सर अलग-अलग पढ़ाया जाता है, लेकिन इस तरह की प्रयोगशाला में विद्यार्थी इन विषयों के बीच संबंध को समझ सकते हैं। इससे उन्हें किताबों में पढ़े गए सिद्धांतों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में लागू करने में मदद मिल सकती है।

STREAM शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सवाल पूछने, नए विचार विकसित करने और समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना भी है। इस पद्धति में विज्ञान और तकनीक के साथ रोबोटिक्स, इंजीनियरिंग, कला तथा गणित को शामिल किया जाता है। इससे बच्चों को तकनीकी समझ विकसित करने के साथ अपनी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता का इस्तेमाल करने का अवसर मिलता है।

आज के समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। डिजिटल तकनीक, स्वचालन और रोबोटिक्स का इस्तेमाल विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए विषयों की बुनियादी जानकारी के साथ व्यावहारिक कौशल हासिल करना भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है। STREAM लैब जैसी सुविधाएं बच्चों को प्रयोग करके सीखने और अपनी गलतियों से अनुभव प्राप्त करने का अवसर दे सकती हैं।

स्कूल प्रबंधन ने कहा कि इस तरह की शिक्षा विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायक हो सकती है। जब बच्चे किसी परियोजना पर मिलकर काम करते हैं, तो उनमें सहयोग, संवाद और टीमवर्क जैसे गुण विकसित होते हैं। किसी समस्या का समाधान खोजने के दौरान उन्हें योजना बनाने, उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करने और अलग-अलग संभावनाओं पर विचार करने का अवसर भी मिलता है।

रोबोटिक्स और इंजीनियरिंग से जुड़ी गतिविधियां विद्यार्थियों को तकनीकी प्रक्रियाओं की बुनियादी समझ देने में मदद कर सकती हैं। वहीं, कला को शामिल करने से उन्हें अपने विचारों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। गणित और विज्ञान की अवधारणाओं को व्यावहारिक गतिविधियों के साथ जोड़ने से पढ़ाई अधिक रोचक और अनुभव आधारित बन सकती है।

उद्घाटन समारोह के दौरान उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने लैब की सुविधाओं का अवलोकन किया। इस पहल को स्कूल में सीखने के तरीकों को अधिक व्यावहारिक और आधुनिक बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।

मेयर वर्ल्ड स्कूल की यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और उनमें नई तकनीकों के प्रति रुचि पैदा करने में सहायक हो सकती है। हालांकि, लैब का वास्तविक प्रभाव इस बात पर भी निर्भर करेगा कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से कितनी व्यावहारिक गतिविधियों, परियोजनाओं और प्रयोगों में भाग लेने का अवसर मिलता है।

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