20 जून 2026 : महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य यात्रियों और वाहन चालकों के बीच संवाद को बेहतर बनाना तथा राज्य की राजभाषा के उपयोग को बढ़ावा देना है।
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल के तहत चालकों को मराठी भाषा का बुनियादी ज्ञान प्रदान किया जाएगा, ताकि वे स्थानीय नागरिकों और यात्रियों से आसानी से संवाद कर सकें। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर प्रशिक्षण सत्र और विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है।
प्रशासन ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 15 अगस्त तक की समयसीमा निर्धारित की है। संबंधित चालकों को तय अवधि के भीतर आवश्यक प्रशिक्षण या निर्धारित भाषा योग्यता से जुड़ी शर्तों को पूरा करना होगा।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें लाइसेंस, परमिट या अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
इस फैसले का कुछ संगठनों ने स्वागत किया है और कहा है कि इससे स्थानीय भाषा को बढ़ावा मिलेगा तथा यात्रियों को बेहतर सेवा प्राप्त होगी। वहीं कुछ चालक संगठनों ने प्रशिक्षण की सुविधा और पर्याप्त समय उपलब्ध कराने की मांग की है।
राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम मराठी भाषा के सम्मान और जनसुविधा दोनों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे परिवहन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।
