23 सितंबर 2026: दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने B&B संचालक लवकेश बजाज को मेडिकल आधार पर चार सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी है। इस आग की घटना में 23 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 13 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। हाईकोर्ट ने जमानत देते समय बजाज की हालिया बड़ी सर्जरी और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखा।
31 अगस्त को हुई थी बड़ी सर्जरी
जस्टिस सचिन दत्ता की अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट पर विचार करते हुए कहा कि लवकेश बजाज की 31 अगस्त को बड़ी पेट की सर्जरी हुई थी। उन्हें 15 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी मिली थी। अदालत के सामने रखी गई मेडिकल रिपोर्ट में सर्जरी के बाद जटिलताओं का जोखिम बताया गया था और सावधानीपूर्वक चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत का उल्लेख किया गया।
हाईकोर्ट ने कहा कि सर्जरी की प्रकृति और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बीते कम समय को देखते हुए आरोपी को सीमित अवधि के लिए मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत देना उचित है, ताकि वह पर्याप्त रूप से स्वास्थ्य लाभ कर सके।
जून में हुआ था भीषण अग्निकांड
मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में स्थित Flourish Stays B&B में 3 जून को आग लगी थी। इस घटना में कुल 23 लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में 13 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। आग की घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की थी।
जांच के बाद पुलिस ने मामले में लवकेश बजाज के अलावा मैनेजर-कम-अकाउंटेंट जय मिश्रा और कुक केसर नेगी को आरोपी बनाया। पुलिस ने सितंबर की शुरुआत में मामले में करीब 1,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।
पुलिस ने दाखिल की थी चार्जशीट
दिल्ली पुलिस की जांच के मुताबिक, बजाज ने जिस इमारत को हासिल किया था, उसमें शुरुआत में दो मंजिल थीं। पुलिस का आरोप है कि बाद में अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण कराया गया और इस दौरान पीछे की ओर मौजूद वैकल्पिक निकास मार्ग को कथित तौर पर बंद कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, B&B योजना के तहत केवल छह कमरों की अनुमति थी, जबकि जांच में वहां 26 कमरे संचालित किए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि संपत्ति को पूरी तरह होटल की तरह चलाने की कोशिश की जा रही थी, जबकि इसके लिए जरूरी अनुमतियां और फायर क्लीयरेंस उपलब्ध नहीं थे। ये सभी बातें पुलिस की चार्जशीट में लगाए गए आरोपों का हिस्सा हैं और मामले का अंतिम निर्धारण अदालत की प्रक्रिया के तहत होगा।
आग फैलने और बाहर निकलने को लेकर जांच
पुलिस की जांच में कहा गया कि आग पांच मंजिला इमारत में तेजी से फैली। जांच एजेंसी के मुताबिक, परिसर में ज्वलनशील सामग्री और वैकल्पिक निकास मार्ग के उपलब्ध न होने से लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हुआ।
चार्जशीट में पुलिस ने आरोप लगाया कि आग रसोई में लगी थी, जहां कुक केसर नेगी ने चाय तैयार करते समय तेल से भरे फ्रायर को चालू छोड़ दिया था। पुलिस के अनुसार, तेल का तापमान बढ़ने के बाद आग लगी और आसपास मौजूद ज्वलनशील सामग्री तक फैल गई।
तीन आरोपियों के खिलाफ मामला
मामले में पुलिस ने लवकेश बजाज, जय मिश्रा और केसर नेगी को आरोपी बनाया है। चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत गैर इरादतन हत्या, आग से नुकसान पहुंचाने, लोगों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने और आग या ज्वलनशील पदार्थों के संबंध में लापरवाही जैसे आरोप शामिल किए गए हैं।
पुलिस ने चार्जशीट में 130 से अधिक गवाहों के नाम शामिल किए हैं। इसमें न्यायिक और मेडिकल रिकॉर्ड समेत जांच के दौरान जुटाए गए अन्य दस्तावेज भी शामिल हैं। हालांकि, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की अंतिम रिपोर्ट उस समय तक लंबित थी और पुलिस ने आगे पूरक चार्जशीट दाखिल किए जाने की संभावना जताई थी।
मेडिकल आधार पर मिली सीमित राहत
दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए स्पष्ट किया कि इस आदेश के जरिए मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की जा रही है। राहत सीमित अवधि के लिए दी गई है, ताकि बजाज सर्जरी के बाद आवश्यक स्वास्थ्य लाभ कर सकें।
इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी और आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होने वाली सुनवाई के बाद ही होगा।
