18 जून 2026 : Maharashtra में मानसून की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन पिछले कुछ दिनों से इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। राज्य के कई हिस्सों में अपेक्षित बारिश नहीं होने से किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। खासकर विदर्भ, मराठवाड़ा, पश्चिमी महाराष्ट्र और मुंबई क्षेत्र में बारिश की कमी महसूस की जा रही है।
India Meteorological Department के अनुसार, मानसून की प्रगति फिलहाल प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों के कारण धीमी हुई है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से पर्याप्त नमी नहीं मिलने तथा वायुमंडलीय परिस्थितियों के अनुकूल न होने के कारण मानसून की आगे बढ़ने की गति प्रभावित हुई है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि व्यापक और भारी वर्षा की स्थिति अभी नहीं बन रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, 24 जून के आसपास मौसम प्रणाली अधिक सक्रिय हो सकती है, जिसके बाद महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश का जोर बढ़ने की संभावना है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश में देरी का असर खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ सकता है। कई किसान पर्याप्त वर्षा का इंतजार कर रहे हैं ताकि बुवाई का काम शुरू किया जा सके। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो कृषि गतिविधियों को गति मिल सकती है।
राज्य के जलाशयों और बांधों में भी जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। कई क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश के कारण जल भंडारण पर असर पड़ा है। प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
IMD ने लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है। साथ ही किसानों से कहा गया है कि पर्याप्त बारिश होने तक बुवाई से जुड़े फैसले सावधानीपूर्वक लें।
मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, अगले सप्ताह के दौरान मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है और राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। इससे किसानों को राहत मिलने और जल संकट की चिंता कम होने की उम्मीद है।
