2 मई 2026 : हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कुलपति (VC) ने छात्रों को महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे केवल नौकरी खोजने वाले न बनें, बल्कि ऐसे कौशल विकसित करें जिससे वे खुद रोजगार सृजित कर सकें और दूसरों को भी रोजगार दे सकें।
कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में बदलते आर्थिक परिदृश्य में पारंपरिक नौकरी के अवसर सीमित होते जा रहे हैं। ऐसे में युवाओं के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाएं और नए अवसरों का निर्माण करें।
उन्होंने छात्रों को स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने और नवाचार पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि अगर युवा अपनी रचनात्मकता और तकनीकी ज्ञान का सही उपयोग करें, तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि समाज के लिए भी नई संभावनाएं पैदा कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को विभिन्न उद्यमिता योजनाओं और सरकारी पहल के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि कैसे वे अपने विचारों को व्यवसाय में बदल सकते हैं और इसके लिए किस प्रकार की सहायता उपलब्ध है।
विशेषज्ञों ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि भारत जैसे देश में युवाओं की बड़ी आबादी एक ताकत है, जिसे सही दिशा में उपयोग किया जाए तो यह देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।
छात्रों ने भी इस संदेश को सकारात्मक रूप में लिया और कहा कि वे भविष्य में कुछ नया करने की दिशा में काम करेंगे। उनका मानना है कि इस तरह के मार्गदर्शन से उन्हें अपने करियर को लेकर नई सोच मिलती है।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के शिक्षक और अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित किया और उनके सवालों के जवाब दिए।
यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देश में रोजगार को लेकर चर्चा होती रहती है। ऐसे में युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और रोजगार सृजित करने की दिशा में प्रेरित करना एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फिलहाल, इस कार्यक्रम को छात्रों के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि इससे कई युवा उद्यमिता की ओर आकर्षित होंगे।
यह पहल यह दर्शाती है कि शिक्षा संस्थान अब केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे छात्रों को जीवन के लिए तैयार करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।
