29 मई 2026 : करणजीत सिंह मान को पंजाब सरकार के प्रतिष्ठित महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। गुरदासपुर के रहने वाले इस अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी को खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन और लगातार उपलब्धियों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
जानकारी के अनुसार, यह पुरस्कार पंजाब सरकार द्वारा खेल क्षेत्र में दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मानों में गिना जाता है। यह सम्मान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है।
करणजीत सिंह मान ने 90 किलोग्राम वर्ग में कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की है। रिपोर्टों के मुताबिक, वह पांच बार सीनियर नेशनल चैंपियन रह चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, करणजीत पंजाब के प्रसिद्ध शहीद भगत सिंह जूडो ट्रेनिंग सेंटर से जुड़े रहे हैं। इस संस्थान ने कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए हैं।
बताया जा रहा है कि खिलाड़ी ने आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी भी शुरू कर दी है। वह 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं।
पंजाब पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक के रूप में कार्यरत करणजीत वर्तमान में जालंधर स्थित पीएपी कॉम्प्लेक्स में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
खेल विशेषज्ञों का कहना है कि महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार पंजाब के खिलाड़ियों के लिए बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है और यह खिलाड़ियों को आगे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।
खेल प्रबंधन से जुड़े जानकारों के अनुसार, राज्य स्तर पर दिए जाने वाले बड़े सम्मान खिलाड़ियों के मनोबल और खेल संस्कृति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब सरकार ने हाल ही में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों को सम्मानित किया और खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए बजट बढ़ाने की भी घोषणा की है।
भगवंत मान ने हाल में आयोजित सम्मान समारोह में कई खिलाड़ियों को पुरस्कार और नकद राशि प्रदान की थी।
जूडो से जुड़े प्रशिक्षकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सफलता पाने के लिए खिलाड़ियों को लंबे समय तक अनुशासित प्रशिक्षण और मानसिक मजबूती की जरूरत होती है।
पंजाब लंबे समय से देश को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी देता रहा है। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों की उपलब्धियां युवाओं को प्रेरित करती हैं।
फिलहाल, करणजीत सिंह मान की इस उपलब्धि पर गुरदासपुर और खेल जगत में खुशी का माहौल देखा जा रहा है।
यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि लगातार मेहनत, प्रशिक्षण और समर्पण के बल पर खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान बना सकते हैं।
