9 जून 2026 : Kapurthala के एक युवक की Germany में मौत हो जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद परिजनों ने भारत सरकार और पंजाब सरकार से मदद की अपील की है ताकि युवक के पार्थिव शरीर को भारत लाया जा सके और उसका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जा सके।
परिवार के अनुसार, युवक रोजगार और बेहतर भविष्य की तलाश में कुछ समय पहले जर्मनी गया था। विदेश में रहते हुए उसकी अचानक मृत्यु की सूचना मिलने के बाद पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। गांव और आसपास के क्षेत्र में भी इस खबर से गहरा दुख व्यक्त किया जा रहा है।
परिजनों का कहना है कि विदेश से पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया जटिल और खर्चीली होती है। इसी कारण उन्होंने संबंधित सरकारी विभागों और प्रशासन से सहयोग की मांग की है। परिवार चाहता है कि अंतिम संस्कार धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अपने पैतृक स्थान पर किया जाए।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी परिवार के समर्थन में आवाज उठाई है। उनका कहना है कि सरकार को ऐसे मामलों में त्वरित सहायता प्रदान करनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवारों को कठिन परिस्थितियों में राहत मिल सके।
विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की मृत्यु के मामलों में आमतौर पर दूतावास, स्थानीय प्रशासन और परिवार के बीच समन्वय स्थापित किया जाता है। इसके बाद आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर पार्थिव शरीर को स्वदेश भेजने की व्यवस्था की जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशों में काम करने वाले भारतीयों के परिवारों को ऐसी परिस्थितियों में अक्सर आर्थिक और भावनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए सरकारी सहायता और सामुदायिक सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फिलहाल परिवार सरकारी मदद का इंतजार कर रहा है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया जा रहा है ताकि आवश्यक प्रक्रियाएं जल्द पूरी की जा सकें और युवक के पार्थिव शरीर को भारत लाया जा सके।
