13 अक्टूबर 2026: पंजाब के जालंधर के रहने वाले भारतीय वायुसेना के फाइटर पायलट ग्रुप कैप्टन वरिंदर सैनी को वायु सेना मेडल (Vayu Sena Medal) से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान भारतीय वायुसेना के 94वें वायुसेना दिवस के अवसर पर हिंडन एयर फोर्स स्टेशन में आयोजित समारोह के दौरान प्रदान किया गया। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने उन्हें मेडल देकर सम्मानित किया।
जालंधर के ब्यास नगर से है संबंध
ग्रुप कैप्टन वरिंदर सैनी जालंधर के ब्यास नगर के रहने वाले हैं। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। सैनी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जालंधर के सेंट जोसेफ बॉयज स्कूल से दसवीं कक्षा तक की। इसके बाद उन्होंने डीएवी कॉलेज, जालंधर से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। आगे चलकर उन्होंने पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) से प्रशिक्षण प्राप्त किया और भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हासिल किया।
2004 में भारतीय वायुसेना में हुए कमीशन
ग्रुप कैप्टन सैनी को वर्ष 2004 में भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। इसके बाद उन्होंने अपने करियर में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं और लड़ाकू विमानों को उड़ाने का व्यापक अनुभव हासिल किया। उनका करियर वायुसेना में पेशेवर दक्षता और उड़ान अनुभव का उदाहरण माना जा रहा है।
Hawk, Jaguar और Sukhoi-30MKI उड़ाने का अनुभव
ग्रुप कैप्टन वरिंदर सैनी अपने करियर के दौरान Hawk, Jaguar और Sukhoi-30MKI जैसे विमानों को उड़ा चुके हैं। वह एक योग्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी हैं। इसके अलावा, उन्होंने वायुसेना की एक फ्रंटलाइन फाइटर स्क्वाड्रन की कमान भी संभाली है। इस भूमिका में उन्हें परिचालन संबंधी अनुभव और नेतृत्व की जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिला।
94वें वायुसेना दिवस पर मिला सम्मान
वायु सेना मेडल भारतीय वायुसेना के कर्मियों को उनकी विशिष्ट सेवा या कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए प्रदान किया जाता है। ग्रुप कैप्टन सैनी को यह सम्मान मिलना उनके पेशेवर योगदान और वायुसेना में उनकी सेवा को रेखांकित करता है। यह सम्मान हिंडन एयर फोर्स स्टेशन में 94वें वायुसेना दिवस के अवसर पर प्रदान किया गया।
पंजाब के लिए गर्व का क्षण
जालंधर से संबंध रखने वाले अधिकारी का भारतीय वायुसेना में इस स्तर का सम्मान हासिल करना पंजाब के लिए गौरव की बात है। सैनी की शैक्षणिक यात्रा जालंधर से शुरू हुई और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के प्रशिक्षण के बाद उन्होंने वायुसेना में अपनी सेवाएं दीं। फाइटर पायलट, फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और स्क्वाड्रन कमांडर के रूप में उनका अनुभव उनके लंबे पेशेवर सफर को दर्शाता है।
