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अडानी समूह को लेकर जयराम रमेश ने लगाए आरोप, कई गंभीर सवाल किए खड़े

पंजाब 18 फरवरी 2026 : जयराम रमेश ने अडानी समूह से जुड़े निवेश और जांच के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे लेकर ट्वीट किया और कहा कि अडानी कंपनियों में बड़ी हिस्सेदारी जुटाने के लिए कथित तौर पर बेनामी फंड का इस्तेमाल किया गया, जिसमें कारोबारी सहयोगियों चांग चुंग-लिंग और नासिर अली शबान अहली के नाम सामने आए हैं। रमेश के अनुसार, OCCRP (ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन दोनों के पास विभिन्न हेज फंड के जरिए 2023 तक अडानी कंपनियों के करीब 3 अरब डॉलर के शेयर थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि स्विस बैंक के समक्ष दी गई जानकारी में इन निवेशों का उल्लेख किया गया है।

SEBI जांच पर भी उठाए सवाल 

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अडानी समूह से जुड़े कई मामलों की जांच अब तक अधूरी है। इनमें कथित इनसाइडर ट्रेडिंग, न्यूनतम सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग नियमों के उल्लंघन और संदिग्ध लेनदेन जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं दिखी, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने समयसीमा तय की थी।

सरकार पर संरक्षण देने का आरोप 

रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन व्यवहार में सरकार अपने करीबी कारोबारी समूहों को संरक्षण देती दिखाई देती है। उन्होंने दावा किया कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े पैमाने पर आर्थिक और नीतिगत फैसलों से भी जुड़ा है।

अन्य आरोपों का भी जिक्र 

कांग्रेस नेता ने अपने बयान में यह भी कहा कि कथित तौर पर विभिन्न एजेंसियों के दुरुपयोग, निजीकरण के फैसलों, विदेशों में परियोजनाओं के ठेकों और कोयला आयात से जुड़े मामलों में भी जांच की आवश्यकता है। उन्होंने सौर ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े एक कथित रिश्वत मामले का भी उल्लेख किया, जिसकी जांच विदेशी एजेंसियों द्वारा किए जाने की बात कही गई है।

JPC जांच की मांग दोहराई 

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) गठित करने की मांग दोहराई है। रमेश ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से इस मुद्दे पर व्यापक जांच की मांग करता रहा है। सरकार या अडानी समूह की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।

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