20 अप्रैल 2026 : ‘पीएमपी’ (पुणे महानगर परिवहन महामंडल) की बस सेवाओं को बंद करने के मानदंडों में ट्रैफिक जाम वाले रास्ते और कम आय वाले रूट्स को प्राथमिकता देने की बात सामने आई है। यह जानकारी आरटीआई के माध्यम से उजागर हुई है, जिससे पीएमपी की नीति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
असल में जहां ट्रैफिक जाम ज्यादा होता है, वहां सार्वजनिक परिवहन बढ़ाना चाहिए ताकि निजी वाहनों का दबाव कम हो सके, लेकिन इसके उलट ऐसे रूट्स पर बस सेवा ही कम या बंद की जा रही है। इससे लोग मजबूरी में निजी वाहनों का इस्तेमाल करने लगते हैं, जिससे सड़क पर जाम और बढ़ सकता है।
आरटीआई कार्यकर्ता तुषार रत्नपाल ने पीएमपी से बस रूट बंद करने के मानदंडों की जानकारी मांगी थी, जिसके बाद यह खुलासा हुआ।
बस रूट बंद करने के मुख्य मानदंड:
पीएमपी के अनुसार बस सेवा शुरू या बंद करते समय इन बातों पर ध्यान दिया जाता है:
- यात्रियों की मांग और पीक आवर्स की भीड़
- जनसंख्या और नए रिहायशी इलाके
- आईटी पार्क, औद्योगिक व शैक्षणिक क्षेत्र
- वैकल्पिक परिवहन की उपलब्धता (जैसे मेट्रो)
- सड़क की स्थिति
- आर्थिक व्यवहार्यता
- लगातार ट्रैफिक जाम
- कम यात्री संख्या और घाटा
- सुरक्षा कारण और यात्रियों की शिकायतें
इसके अलावा यह भी सामने आया है कि कई बार राजनीतिक प्रभाव या जनप्रतिनिधियों की मांग पर भी नए रूट शुरू किए जाते हैं। लेकिन बसों की कमी के कारण किसी नए रूट को शुरू करने पर पुराने रूट को बंद करना पड़ता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है।
