17 जून 2026 : Indian National Lok Dal ने Haryana सरकार से राज्य में रैलियों, धरनों और प्रदर्शनों पर लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार होना चाहिए।
इनेलो नेताओं ने कहा कि राजनीतिक दलों, किसान संगठनों, कर्मचारी संघों और सामाजिक संगठनों को अपनी मांगों और समस्याओं को सरकार के सामने रखने के लिए लोकतांत्रिक माध्यमों का उपयोग करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उनका आरोप है कि मौजूदा प्रतिबंधों से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है।
पार्टी ने सरकार से अपील की कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का भी सम्मान किया जाए। इनेलो का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध और जनसभाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
वहीं, सरकार का पक्ष है कि सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ परिस्थितियों में आवश्यक प्रतिबंध लगाए जाते हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी निर्णय स्थिति और सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।
Haryana में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दल और संगठन अपने-अपने दृष्टिकोण के साथ सरकार के फैसलों पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रैलियों और प्रदर्शनों से जुड़े नियमों को लेकर आने वाले दिनों में राज्य में चर्चा और बढ़ सकती है, क्योंकि यह मुद्दा लोकतांत्रिक अधिकारों और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों से जुड़ा हुआ है।
