6 जुलाई 2026 : Hoshiarpur केंद्रीय जेल में नशा तस्करी के एक मामले में जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट और एक वार्डर को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई जांच एजेंसियों द्वारा जेल के भीतर मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आरोपों की जांच के दौरान की गई।
अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दोनों पर जेल परिसर में नशीले पदार्थों की तस्करी में कथित संलिप्तता के आरोप सामने आए हैं। इसके बाद उनके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नशीले पदार्थ जेल के भीतर कैसे पहुंचते थे, इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है तथा तस्करी कितने समय से संचालित हो रही थी।
मामले में जेल प्रशासन से जुड़े रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब सरकार और जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जेलों में नशा तस्करी और भ्रष्टाचार के मामलों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई गई है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
