27 जुलाई 2026 : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब के अभियोजन पक्ष (Prosecution) के कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि अभियोजन का रवैया संतोषजनक नहीं है और इस प्रकार की लापरवाही न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। अदालत ने पंजाब के गृह सचिव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जेल) [ADGP (Jails)] को भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न होने देने की चेतावनी दी।
न्यायिक प्रक्रिया में लापरवाही पर चिंता
अदालत ने कहा कि अभियोजन एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वे मामलों में समय पर और प्रभावी ढंग से अपनी भूमिका निभाएं। यदि ऐसा नहीं होता, तो इसका सीधा असर न्यायिक प्रक्रिया और मामलों के निष्पक्ष निस्तारण पर पड़ता है।
अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभागों में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में न्यायालय के समक्ष इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो।
जवाबदेही तय करने पर जोर
अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकारी विभागों और अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे न्यायालय के निर्देशों का पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ पालन करें। किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या प्रक्रियात्मक लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी। अदालत ने संकेत दिया कि यदि निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।
