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PGI में HC का अब तक का सबसे बड़ा दान, हर साल इतने मरीजों को मिलती है मदद

26 जून चंडीगढ़: पी. जी. आई. के पुअर पेशेंट वैल्फेयर फंड में बड़ा हिस्सा हाई कोर्ट की ओर से भी पहुंचता है। हाई कोर्ट में दंडित लोगों को गरीब रोगी निधि में जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया जाता है, जो मरीजों के इलाज में खर्च होता है। हाई कोर्ट से आए दान के आंकड़े देखें तो साल 2023 से 2024 के बीच अब तक 89,50,046 रुपए दान किए गए। पांच सालों में यह अभी तक सबसे बड़ी राशि है। साल 2021 2022 में सबसे कम 35,78,500 रुपए दान के रूप में आए थे।

पी.जी.आई. प्रशासन की मानें तो कई ऐसी बड़ी संस्थाएं हैं, जिनसे नियमित समय पर मरीजों के लिए दान आता है। हाई कोर्ट भी इन संस्थाओं में से एक है, जो मरीजों की मदद में अहम रोल अदा करता है। कोविड के वक्त यानी साल 2020- 2021 में दान के रूप में 45,30000 रुपए आए थे, लेकिन उसके बाद से राशि में कमी नहीं आई है। पुअर पेशेंट सैल हर साल गरीबी रेखा से नीचे 10 हजार मरीजों का न सिर्फ खर्च वहन करता है, बल्कि नई जिंदगी देने में भी मदद कर रहा है। पब्लिक डोनेशन, गवर्नमेंट ग्रांट और पेशेंट गाईडेंस के जरिए गरीबी रेखा से नीचे मरीजों की मदद की जाती है। एक्सीडेंटल, ट्रॉमा, एमरजेंसी, किडनी, वॉर्ड में दाखिल गंभीर मरीज, न्यूरो से संबंधित मामलों के साथ- साथ कई अन्य बीमारियों के गरीब मरीजों को सैल द्वारा मदद की जाती हैं।

ऑनलाइन दान से भी मदद
पी.जी.आई. ने मरीजों की मदद के लिए कुछ साल पहले ऑनलाइन दान भी शुरू किया है जिसे वैबसाइट पर शुरूकिया है। वैब पेज पर डोनेट फॉर पुअर पैशेंट पर क्लिक कर यूजर इस्तेमाल कर सकता है। ऑनलाइन पारदर्शिता के लिए यूजर्स ऑनलाइन रसीद भी डाऊनलोड कर सकता है।

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