18 जून 2026 : High Court ने अल फलाह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी सिद्धीकी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए Enforcement Directorate से जवाब मांगा है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से जमानत की मांग की गई, जबकि मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और जांच की स्थिति को लेकर अदालत ने ईडी से विस्तृत जानकारी मांगी। हाईकोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी का पक्ष सुनने के बाद ही जमानत याचिका पर आगे विचार किया जाएगा।
अल फलाह मनी लॉन्ड्रिंग मामला कथित वित्तीय अनियमितताओं और धन के अवैध लेनदेन से जुड़ा बताया जा रहा है। ईडी इस मामले में धनशोधन निवारण कानून (PMLA) के तहत जांच कर रही है। जांच एजेंसी का दावा है कि मामले में कई महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
वहीं, सिद्धीकी की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उन्हें जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए और वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। हालांकि अदालत ने इस पर कोई तत्काल फैसला सुनाने के बजाय ईडी का जवाब मांगना उचित समझा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में अदालतें आमतौर पर जांच की स्थिति, आरोपों की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए फैसला करती हैं। ऐसे मामलों में जांच एजेंसी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां ईडी अपना जवाब दाखिल करेगी और अदालत जमानत याचिका पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।
