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सिनेमा का नया डेस्टिनेशन बनेगा हरियाणा,  भारत मंडपम में बोले CM नायब सैनी…फिल्म नीति-2022 से इंडस्ट्री को मिलेगी रफ्तार

चंडीगढ़ 30 अगस्त 2026 : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देश के तेजी से विकसित हो रहे फिल्म और मनोरंजन उद्योग में हरियाणा की भूमिका को मजबूत करने का संकेत दिया है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘फिल्म एक्सपो इंडिया’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने फिल्म निर्माण को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि देश की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को दुनिया तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की ताकत सिर्फ हिंदी सिनेमा तक सीमित नहीं है। देश की वास्तविक शक्ति उसकी भाषाई और सांस्कृतिक विविधता में भी निहित है। ऐसे में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को अपनाने के साथ-साथ अपनी जड़ों, संस्कृति और स्थानीय परिवेश की खुशबू को कहानियों में बनाए रखना समय की आवश्यकता है।

हरियाणा में फिल्म निर्माण के लिए अनुकूल माहौल तैयार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में हरियाणा सरकार की फिल्म एवं मनोरंजन नीति-2022 का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में फिल्म निर्माण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। सरकार का उद्देश्य हरियाणा को फिल्म निर्माताओं के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है, ताकि प्रदेश के प्राकृतिक, ऐतिहासिक और ग्रामीण परिवेश का उपयोग फिल्मों, वेब सीरीज तथा अन्य दृश्य माध्यमों के निर्माण में किया जा सके।

हरियाणा की पहचान सिर्फ कृषि और खेल की धरती के रूप में नहीं, बल्कि समृद्ध लोक संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, ग्रामीण जीवन, हरियाणवी भाषा और विशिष्ट सामाजिक ताने-बाने के लिए भी है। फिल्म उद्योग के लिए ये सभी तत्व मजबूत कंटेंट का आधार बन सकते हैं।

‘क्रिएट इन इंडिया, क्रिएट फॉर द वर्ल्ड’ विजन से जुड़ा हरियाणा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Create in India, Create for the World’ विजन को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर अपनी रचनात्मक क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन करना होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और फिल्म निर्माण का स्वरूप भी तकनीक के साथ बदल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल प्रोडक्शन, डिजिटल इफेक्ट्स और नए मीडिया प्लेटफॉर्म ने कहानी कहने की संभावनाओं का विस्तार किया है। ऐसे में भारत के फिल्म उद्योग को नई तकनीकों के साथ कदमताल करनी होगी।

हालांकि तकनीकी बदलाव के बीच भारतीय फिल्मों की मौलिकता और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट था कि तकनीक वैश्विक हो सकती है, लेकिन कहानी की आत्मा अपनी मिट्टी से जुड़ी रहनी चाहिए।

क्षेत्रीय भाषाओं और संस्कृति को मिलेगा मंच
फिल्म एक्सपो जैसे आयोजनों को मुख्यमंत्री ने फिल्म निर्माण से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को एक मंच पर लाने की महत्वपूर्ण पहल बताया। फिल्म निर्माण में केवल अभिनेता और निर्देशक ही नहीं, बल्कि लेखक, तकनीशियन, निर्माता, संगीतकार, सिनेमैटोग्राफर, डिजिटल विशेषज्ञ, पोस्ट-प्रोडक्शन टीम और अनेक अन्य पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

हरियाणा के संदर्भ में यह क्षेत्र स्थानीय प्रतिभाओं के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है। प्रदेश के कलाकारों, लेखकों और तकनीकी विशेषज्ञों को राष्ट्रीय फिल्म उद्योग से जोड़ने की दिशा में ऐसे मंच महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

हरियाणवी भाषा और लोक संस्कृति को भी फिल्मों तथा ओटीटी माध्यम के जरिए देश और दुनिया तक पहुंचाने की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश की लोक कथाएं, ग्रामीण परिवेश, ऐतिहासिक चरित्र, खेल संस्कृति और सामाजिक बदलाव की कहानियां फिल्म निर्माताओं के लिए विशिष्ट कंटेंट उपलब्ध करा सकती हैं।

फिल्म नीति से रोजगार और निवेश की संभावनाएं
फिल्म एवं मनोरंजन क्षेत्र का विस्तार केवल शूटिंग तक सीमित नहीं रहता। इसके साथ होटल, परिवहन, पर्यटन, खानपान, इवेंट मैनेजमेंट, स्थानीय सेवाओं और तकनीकी क्षेत्र में भी रोजगार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं।

हरियाणा सरकार की फिल्म नीति इसी व्यापक संभावना को ध्यान में रखकर प्रदेश में फिल्म निर्माण के लिए सुविधाजनक वातावरण बनाने की दिशा में एक कदम है। यदि प्रदेश में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट नियमित रूप से आते हैं तो इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल सकता है।

गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे आधुनिक शहरी क्षेत्रों से लेकर हरियाणा के ग्रामीण इलाकों और ऐतिहासिक स्थलों तक प्रदेश में शूटिंग के लिए विविध लोकेशन उपलब्ध हैं। इससे हरियाणा को राष्ट्रीय फिल्म मानचित्र पर अलग पहचान दिलाने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

फिल्म एक्सपो को बताया सराहनीय पहल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फिल्म निर्माण से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को एक मंच पर लाने के प्रयास की सराहना की। उन्होंने सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट और फिल्म एक्सपो के आयोजकों को कार्यक्रम के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री की इस भागीदारी को हरियाणा में फिल्म और मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है। प्रदेश सरकार पहले ही फिल्म नीति के माध्यम से इस क्षेत्र के लिए आधार तैयार कर चुकी है। अब आवश्यकता इस बात की है कि नीति का लाभ अधिक से अधिक स्थानीय कलाकारों और फिल्म निर्माताओं तक पहुंचे।

हरियाणा की कहानी, दुनिया तक पहुंचाने की तैयारी
नायब सिंह सैनी का फोकस इस बात पर रहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता को आधुनिक तकनीक के साथ दुनिया के सामने रखा जाए। इसी सोच में हरियाणा के लिए भी बड़ी संभावना छिपी है। यदि प्रदेश की नीतियां, स्थानीय प्रतिभा और आधारभूत सुविधाएं फिल्म उद्योग की जरूरतों के साथ प्रभावी ढंग से जुड़ती हैं तो हरियाणा भविष्य में फिल्म निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। ‘क्रिएट इन इंडिया, क्रिएट फॉर द वर्ल्ड’ के राष्ट्रीय विजन के साथ ‘हरियाणा की मिट्टी की कहानी’ को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की इस पहल का महत्वपूर्ण आयाम बन सकता है।

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