10 जुलाई 2026 : हरियाणा सरकार ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से जुड़े महत्वपूर्ण सेवा मामलों में विजिलेंस क्लियरेंस को अनिवार्य कर दिया है। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को और मजबूत करना है।
सरकारी आदेश के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के पदोन्नति (Promotion), नियुक्ति, प्रतिनियुक्ति (Deputation), सेवा विस्तार (Extension) तथा अन्य महत्वपूर्ण सेवा संबंधी मामलों में अब विजिलेंस विभाग की मंजूरी आवश्यक होगी। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना विजिलेंस क्लियरेंस के ऐसे मामलों को अंतिम मंजूरी के लिए आगे न बढ़ाया जाए।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिन अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता या अन्य गंभीर मामलों की जांच लंबित है, उनके सेवा संबंधी मामलों में उचित प्रक्रिया का पालन किया जाए।
अधिकारियों के अनुसार, विजिलेंस क्लियरेंस की प्रक्रिया पहले से लागू नियमों के अनुरूप होगी और संबंधित विभाग समयबद्ध तरीके से रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे। इससे प्रशासनिक निर्णयों में अधिक पारदर्शिता आएगी और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
सरकार ने सभी विभागों को नए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, अधिकारियों से कहा गया है कि सेवा मामलों से संबंधित प्रस्ताव भेजने से पहले आवश्यक विजिलेंस मंजूरी प्राप्त करना सुनिश्चित करें।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार के मामलों पर प्रभावी निगरानी रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। फिलहाल सभी विभागों में इस संबंध में आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
