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हरियाणा में ₹51 हजार का इनामी बंदर पकड़ा गया, थप्पड़ मारती भीड़ का वीडियो वायरल

22 अक्तूबर 2026:  हरियाणा के पलवल जिले के हथीन इलाके में ₹51,000 के इनामी बंदर को पकड़ने के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति बंदर को अपनी पीठ पर लादकर ले जाता दिखाई दे रहा है, जबकि उसके पीछे लोगों की भारी भीड़ चल रही है। इस दौरान कुछ लोग बंदर को थप्पड़ मारते हुए भी नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद पशु क्रूरता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

10 दिनों की कोशिश के बाद पकड़ा गया बंदर

स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, हथीन इलाके में एक बंदर के हमलों से लोग परेशान थे। बताया गया कि बंदर ने एक दर्जन से अधिक लोगों को काटा था, जिसके कारण क्षेत्र में डर का माहौल बन गया था। बंदर को पकड़ने के लिए करीब 10 दिनों तक प्रयास किए गए।

बंदर को पकड़ने वाले व्यक्ति के लिए हथीन नगर पालिका की चेयरपर्सन के पति ने ₹51,000 के इनाम की घोषणा की थी। काफी प्रयासों के बाद बंदर को पकड़ लिया गया।

पीठ पर लादकर ले गया व्यक्ति, पीछे चलती रही भीड़

19 अक्टूबर 2026 के बताए जा रहे वीडियो में एक व्यक्ति बंदर को अपनी पीठ पर लेकर जाता दिखाई देता है। उसके पीछे बड़ी संख्या में लोग चलते नजर आते हैं। इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ लोग बंदर को थप्पड़ मारते दिखाई देते हैं।

बंदर को आवासीय इलाके से दूर ले जाया जा रहा था। उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि, बंदर को ले जाने के दौरान उसके साथ किए गए व्यवहार ने पशु कल्याण और वन्यजीवों को मानवीय तरीके से संभालने की जरूरत पर चर्चा छेड़ दी है।

लोगों ने हमलों से राहत महसूस की

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बंदर के कथित हमलों के कारण कई लोग परेशान थे। उसे पकड़े जाने के बाद इलाके के निवासियों ने राहत महसूस की। हालांकि, किसी जानवर के हमलावर होने की शिकायत के बावजूद उसे पकड़ने और स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में प्रशिक्षित वन्यजीव कर्मियों की मदद लेना महत्वपूर्ण है।

बंदर के साथ व्यवहार पर उठे सवाल

वीडियो में कुछ लोगों को बंदर को थप्पड़ मारते देख सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई जा रही है। इस घटना ने यह सवाल भी उठाया है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की ऐसी परिस्थितियों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए जानवरों को अनावश्यक चोट से कैसे बचाया जाए।

फिलहाल, बंदर की मौजूदा स्थिति और उसे कहां ले जाया गया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। संबंधित अधिकारियों की ओर से किसी जांच या कार्रवाई की पुष्टि भी सामने नहीं आई है।

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